Source :- LIVE HINDUSTAN
ईरानी एक्सपर्ट्स ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने इस प्रस्ताव को दरकिनार कर दिया है और अब वह अमेरिका की ओर से 15 से 16 नयी शर्तें ईरान पर थोपने की कोशिश कर रहा है, जिससे उसके रुख पर सवाल उठते हैं।
ईरान के सरकारी मीडिया ने पाकिस्तान पर ‘डबल गेम’ खेलने का आरोप लगाते हुए उसके सेना प्रमुख आसिम मुनीर को निशाने पर लिया है और कहा है कि इस्लामाबाद अमेरिका की ओर झुकाव रखते हुए ईरान के साथ समानांतर संपर्क बनाए हुए है। ईरानी सरकारी मीडिया में इस सप्ताह प्रसारित एक टेलीविजन बहस में यह आरोप लगाते हुए पोल खोली गई, जिससे दोनों देशों के बीच भरोसे में गंभीर दरार उजागर हुई है। यह स्थिति ऐसे समय सामने आई है जब पाकिस्तान खुद को अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा था।
टीवी बहस में चर्चा की गई कि ईरान के प्रस्तावों को नजरअंदाज किया जा रहा है। जनरल मुनीर हाल ही में ईरान आए थे और अमेरिकी पक्ष को सौंपने के लिए 10 सूत्री वार्ता प्रस्ताव लेकर गए, लेकिन अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया, स्वीकृति या प्रतिबद्धता सामने नहीं आई है। ईरानी एक्सपर्ट्स ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने इस प्रस्ताव को दरकिनार कर दिया है और अब वह अमेरिका की ओर से 15 से 16 नयी शर्तें ईरान पर थोपने की कोशिश कर रहा है, जिससे उसके रुख पर सवाल उठते हैं।
एसएनएन के एक विश्लेषक ने साफ-साफ कहा, “हमारी योजना के मुताबिक, आसिम मुनीर ईरान आए और हमारा संदेश लिया। इस संदेश को अमेरिकी पक्ष तक पहुंचाया जाना था। यह उन्होंने जरूर किया होगा, लेकिन जहां तक मुझे पता है, और जैसा कि हमने उच्च स्तरों पर चर्चा की है, हमें अभी तक इस बात का कोई जवाब नहीं मिला है कि इस संदेश को स्वीकार किया गया है या नहीं। मैं तो यहां तक कहूंगा कि अगर हमें जवाब मिल भी जाता है, तो भी वह इस्लामाबाद लौट जाएंगे और दूसरा पक्ष कहेगा, ‘ठीक है, मैं इसे बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करता।’’
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में युद्धविराम की अवधि बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा था कि यह कदम जनरल मुनीर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुरोध पर उठाया गया है। इससे पहले उन्होंने समझौता न होने की स्थिति में सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे जारी कूटनीतिक प्रयासों के लिए समय बढ़ाने वाला कदम बताया और पाकिस्तान में वार्ता के अगले दौर के आयोजन की पुष्टि की, हालांकि इसकी तिथि घोषित नहीं की गई है। वहीं, ईरानी मीडिया ने इन घटनाक्रमों को पाकिस्तान की जनसंपर्क रणनीति करार देते हुए कहा कि वास्तविक वार्ता प्रक्रिया ठप पड़ी है और प्रगति का आभास मात्र बनाया जा रहा है।
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