Source :- LIVE HINDUSTAN
Smart Parenting Tips: छोटे बच्चों को घर पर पढ़ाना अक्सर चैलेंजिंग होता है। एक तो वो पढ़ने बैठना चाहते ही नहीं, फिर कई बार उनका ध्यान भी नहीं लगता। ऐसे में पेरेंटिंग कोच की बताई ये 3 टिप्स आपको काफी मदद कर सकती हैं।
कई पेरेंट्स की शिकायत रहती है कि उनके बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लगता, वह जल्दी बोर हो जाता है या पढ़ने बैठते ही उसका ध्यान दूसरी चीजों में चला जाता है। ऐसे में ज्यादातर माता-पिता बच्चे को डांटना शुरू कर देते हैं, लेकिन हर बार सख्ती करना सही तरीका नहीं होता। बच्चों को पढ़ाई के लिए मजबूर करने के बजाय उन्हें ऐसा माहौल देना जरूरी होता है, जहां वे खुद सीखने में रुचि लेने लगें। घर का माहौल, माता-पिता का व्यवहार और पढ़ाने का तरीका बच्चे की पढ़ाई पर सीधा असर डालता है। अगर बच्चे को सही तरीके से गाइड किया जाए तो वह धीरे-धीरे पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि अपनी आदत बना लेता है। सर्टिफाइड पेरेंटिंग कोच रेनू गिरधर ने ऐसे ही कुछ आसान तरीके शेयर किए हैं, जिनकी मदद से आप अपने बच्चे के मन में पढ़ाई के लिए इंटरेस्ट जगा सकते हैं।
पढ़ाई का समय और जगह तय करना जरूरी है
घर पर बच्चों को पढ़ाते समय सबसे पहले उनका एक फिक्स रूटीन बनाएं। बच्चे के पढ़ने का समय और जगह तय कर दीजिए ताकि वह रोज उसी समय पर पढ़ने बैठे। जब बच्चा रोज एक ही जगह और एक ही समय पर पढ़ाई करता है तो उसका दिमाग खुद उस चीज के लिए तैयार होने लगता है। धीरे-धीरे यह उसकी आदत बन जाती है और उसे पढ़ाई में इंटरेस्ट आने लगता है। इस बात का भी ध्यान रखें कि पढ़ाई की जगह शांत हो और वहां ज्यादा शोर या टीवी जैसी चीजें न हों। इससे बच्चे का ध्यान जल्दी नहीं भटकेगा और वह बेहतर तरीके से फोकस कर पाएगा।
लंबे समय तक पढ़ाने के बजाय बीच में ब्रेक दें
कई पेरेंट्स बच्चे को घंटों लगातार पढ़ने के लिए फोर्स करता हैं, लेकिन छोटे बच्चों के लिए ऐसा करना आसान नहीं होता। बच्चे जल्दी थक जाते हैं और उनका मन पढ़ाई से हटने लगता है। इसलिए बच्चे को लगभग 20 मिनट तक पूरी तरह फोकस करके पढ़ाइए और फिर उसे 5 मिनट का छोटा ब्रेक जरूर दीजिए। यह छोटा सा ब्रेक बच्चे को रिलैक्स महसूस कराता है। इससे वह बोरियत महसूस नहीं करता और दोबारा पढ़ने के लिए तैयार हो जाता है। लगातार पढ़ाने से बच्चा सिर्फ बैठा रहता है, लेकिन उसका ध्यान पढ़ाई में नहीं रहता।
गुस्से की जगह आसान और मजेदार तरीका अपनाएं
अगर बच्चे को कोई चीज समझ नहीं आ रही है, तो उस पर गुस्सा करने या चिल्लाने की गलती ना करें। हर बच्चा अलग होता है और हर बच्चे का सीखने का तरीका भी अलग होता है। कुछ बच्चे जल्दी समझ जाते हैं, जबकि कुछ बच्चों को थोड़ा समय लगता है। आप बच्चे को किसी ड्राइंग, कहानी या अलग-अलग चीजों का उदाहरण देकर समझा सकते हैं। जब बच्चे को मजेदार तरीके से चीजें समझाई जाती हैं, तो उसका पढ़ाई में इंटरेस्ट बढ़ता है। बच्चा बिना डर के सवाल पूछता है और नई चीजें सीखने की कोशिश करता है।
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