Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में मध्यस्थ बने पाकिस्तान पर अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम भड़क गए हैं। उन्होंने पाक पर ईरानी विमानों को छिपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें उस पर ‘रत्ती भर भरोसा नहीं’ है। हालांकि, ट्रंप ने बचाव किया है।
ईरान के साथ चल रही नाजुक सीजफायर वार्ता के बीच मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका पर अमेरिका में ही सवाल उठने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी और रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान पर कड़ा अविश्वास जताया है। ग्राहम का यह गुस्सा उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद सामने आया है, जिनमें दावा किया गया था कि पाकिस्तान ने ईरानी सैन्य संपत्तियों को अमेरिकी हमलों से बचाने के लिए अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की इजाजत दी है। हालांकि, इन सब विवादों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान का खुलकर बचाव किया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने किया पाकिस्तान का बचाव
इन तमाम चिंताओं के बावजूद, चीन के दौरे पर रवाना होने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान का बचाव किया। ट्रंप ने साफ कर दिया कि वाशिंगटन किसी अन्य मध्यस्थ की तलाश नहीं कर रहा है। ट्रंप ने वाइट हाउस से निकलते वक्त पत्रकारों से कहा- वे बहुत शानदार हैं। मुझे लगता है कि पाकिस्तानियों ने बेहतरीन काम किया है। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल और प्रधानमंत्री बिल्कुल शानदार रहे हैं।
सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने क्यों उठाए सवाल?
सीनेट एप्रोप्रिएशंस कमेटी की सुनवाई के दौरान लिंडसे ग्राहम ने सीबीएस (CBS) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कड़े सवाल पूछे। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया था कि पाकिस्तान ने ईरान को अपने नूर खान एयर फोर्स बेस समेत अन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति दी है, ताकि वे अमेरिकी हमलों से बच सकें।
ग्राहम ने अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन से सीधे पूछा कि क्या पाकिस्तानी सरजमीं से ईरानी विमानों के संचालित होने की खबरें सच हैं। ग्राहम का तर्क था कि अगर पाकिस्तान वास्तव में ऐसा कर रहा है, तो एक ‘निष्पक्ष मध्यस्थ’ के रूप में उसकी भूमिका सवालों के घेरे में है।
‘मुझे पाकिस्तान पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं’
सुनवाई के दौरान जब जनरल डैन केन से ग्राहम को कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की ओर रुख किया। हेगसेथ ने यह कहते हुए इस मुद्दे से किनारा कर लिया कि वह चल रही बातचीत के बीच में नहीं पड़ना चाहते।
हेगसेथ के इस जवाब से ग्राहम और ज्यादा नाराज हो गए। उन्होंने अपनी हताशा जाहिर करते हुए कहा- मुझे पाकिस्तान पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है। अगर सच में ईरानी सैन्य संपत्तियों को बचाने के लिए पाकिस्तानी ठिकानों पर ईरानी विमान पार्क किए गए हैं, तो हमें मध्यस्थता के लिए किसी और की तलाश करनी चाहिए। उन्होंने सीजफायर के प्रस्तावों पर हो रही देरी पर झल्लाहट जताते हुए कहा, “इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि यह शांति वार्ता कहीं नहीं पहुंच पा रही है।” इससे पहले एक्स (X) पर एक पोस्ट में ग्राहम ने कहा था कि इजरायल के प्रति पाकिस्तानी रक्षा अधिकारियों के पिछले बयानों को देखते हुए, उन्हें इन दावों के सच होने पर कोई अचरज नहीं होगा।
क्या है पाकिस्तान की सफाई?
पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने इन दावों को पूरी तरह से “भ्रामक और सनसनीखेज” बताकर खारिज कर दिया है। इस्लामाबाद ने अपनी सफाई में कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच शुरुआती बातचीत के बाद, सीजफायर के दौरान ही ये विमान वहां पहुंचे थे।
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का क्या है स्टेटस?
फिलहाल दोनों देशों के बीच शांति वार्ता रुकी हुई है। डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के लिए भेजे गए ईरान के ताजा प्रस्ताव को “कचरा (पीस ऑफ गार्बेज)” बताते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने इस प्रस्ताव को पूरी तरह से अस्वीकार्य और कमजोर करार दिया है। ट्रंप के मुताबिक, सीजफायर अब लाइफ सपोर्ट पर है।
दूसरी ओर, ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिका के किसी भी नए हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। साथ ही, ईरान ने वाशिंगटन से अपील की है कि वह युद्ध खत्म करने के लिए अपना ‘एकतरफा रवैया’ छोड़े।
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