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अंतिम दौर में विधानसभा चुनाव, अब बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? सरकार का आया बयान

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Source :- LIVE HINDUSTAN

बीते दिनों कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा था कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा सकती है। अब सरकार ने एक बार फिर कहा है कि अभी खुदरा ईंधन की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण की वोटिंग बुधवार, 29 अप्रैल को होने वाली है। वोटिंग के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पेट्रोल और डीजल की कीमतों से जुड़े तमाम मीडिया रिपोर्ट को खारिज करते हुए सरकार ने एक बार फिर कहा है कि अभी खुदरा ईंधन की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि अभी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव करने की कोई योजना नहीं है। शर्मा ने कहा- LPG, पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और कीमतें बढ़ी नहीं हैं इसलिए कृपया घबराएं नहीं। यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर स्पष्टीकरण दिया है। इससे पहले, कई मौकों पर सरकार की ओर से इस तरह की सफाई दी जा चुकी है।

आयात पर पड़ा है असर

सुजाता शर्मा ने कहा कि पश्चिमी एशिया संकट के कारण कच्चे तेल, एलपीजी और पीएनजी के आयात पर असर पड़ा है लेकिन सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रुकावट को कम करने को कदम उठाए हैं। इसी के तहत, घरेलू एलपीजी और PNG उपभोक्ताओं के अलावा CNG परिवहन के लिए 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि कॉमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति लगभग 70 प्रतिशत तक बहाल कर दी गई है, जिसमें अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है।

फार्मास्यूटिकल्स, स्टील, बीज और कृषि जैसे प्रमुख क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। सुजाता शर्मा ने ये भी बताय कि प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम वाले FTL सिलेंडरों की आपूर्ति लगभग दोगुनी हो गई है।

खत्म होने वाला है चुनाव

बीते दिनों कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा सकती है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट में संकेत दिया गया था कि पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में 29 अप्रैल को मतदान खत्म होने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हो सकती है। कोटक ने कच्चे तेल की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल रहने के आधार पर 25-28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था।

बता दें कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और सरकारी तेल कंपनियां इसका प्रभाव खुद झेल रही हैं। हालांकि, विश्लेषक सवाल उठा रहे हैं कि सरकारी समर्थन के बिना तेल कंपनियां कब तक कीमतों को स्थिर रख पाएंगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN