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होर्मुज को खोलने के लिए ईरान ने अमेरिका के सामने तीन शर्तें रखी हैं। पहली शर्त है कि होर्मुज के आसपास से अमेरिका अपने युद्धपोतों को हटाए। दूसरी शर्त है कि उसके पोर्ट पर की गई नाकेबंदी खत्म की जाए और परमाणु वार्ता फिलहाल टाल दी जाए।
ईरान और अमेरिका के बीच पहले चरण की वार्ता फेल हो गई तो वहीं दूसरे चरण की वार्ता तमाम प्रयासों के बाद भी शुरू ही नहीं हो पाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने प्रस्ताव रखा है कि पहले होर्मुज को खोले जाने पर विचार होना चाहिए और परमाणु मामले पर चर्चा बाद में होगी। ईरान ने अमेरिका के सामने होर्मुज खोलने के लिए तीन शर्तें रखी हैं। बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच इस युद्ध को दो महीने होने वाले हैं। लेकिन अब भी स्थायी युद्धविराम की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
क्या हैं ईरान की तीन शर्तें
जानकारी के मुताबिक ईरान ने अमेरिका से कहा है कि होर्मुज को पूरी तरह से खोलने के लिए पहली शर्त है कि नाकेबंदी का हटा लिया जाए और ईरान के जहाजों को भी स्वतंत्र रूप से आने-जाने दिया जाए। दूसरी शर्त है कि ईरान के पोर्ट पर की गई नाकेबंदी को भी हटाया जाए। इसके अलावा तीसरी शर्त यह है कि परमाणु मसले की वार्ता को फिलहाल टाल दिया जाए। एक बार होर्मुज में स्थितिय सामान्य होने के बाद उस विषय पर चर्चा की जाए।
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ईरान की शर्तों को मानने को तैयार नहीं हैं। बता दें कि इस्लामाबाद में वार्ता फेल होने के बाद ही अमेरिका ने नाकेबंदी करने का फैसला कर लिया था। इस नाकेबंदी की वजह से ईरान का निर्यात बहुत कम हो गया है। एक दिन पहले डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर तीन दिन के भीतर ईरान समझौता करने को तैयार नहीं होता है तो फिर उसकी पाइपलाइनों को भी ध्वस्त कर दिया जाएगा।
ट्रंप ने की ईरान के प्रस्ताव पर चर्चा
डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अपने राष्ट्रीय सुरक्षा दल के साथ बैठक कर ईरान के उस प्रस्ताव पर चर्चा की, जिसमें वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की बात कही गई है। वाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लीविट ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस विषय पर चर्चा हुई है, लेकिन वह बैठक के नतीजे को लेकर अभी कुछ कहना नहीं चाहतीं।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राष्ट्रपति जल्द ही स्वयं जानकारी देंगे। इससे पहले विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ‘फॉक्स न्यूज’ से कहा कि ईरानी वार्ताकार समझौते को लेकर गंभीर हैं, लेकिन वे इसके लिए और समय हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। रूबियो ने कहा कि ईरान अपनी मौजूदा परिस्थितियों से बाहर निकलना चाहता है और इसी दिशा में बातचीत जारी है।
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