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जंग के बाद पहली बार होर्मुज से होकर निकला LNG गैस से भरा टैंकर, किस देश जा रहा?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मध्य पूर्व युद्ध और अमेरिका-ईरान की नाकेबंदी के बीच पहली बार ‘मुबारज’ LNG टैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर लिया है। जानिए कैसे रडार को चकमा देकर यह जहाज दुनिया के ऊर्जा संकट को कम करने के लिए चीन की ओर बढ़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें।

मध्य पूर्व में दो महीने पहले शुरू हुए युद्ध के बाद यह पहली बार है जब तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी LNG की किसी खेप ने फारस की खाड़ी से बाहर निकलने के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को पार किया है। एलएनजी से भरे इस जहाज का नाम मुबारज (Mubaraz) है। इस जहाज ने मार्च की शुरुआत में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के ‘दास द्वीप’ सुविधा केंद्र से गैस लोड की थी।

जहाजों को ट्रैक करने वाले डेटा के अनुसार, यह जहाज अब भारत के दक्षिणी छोर से गुजर रहा है। लंबे समय तक यह टैंकर खाड़ी के अंदर ही खाली खड़ा था। 31 मार्च के आसपास इसने अपने सिग्नल भेजने बंद कर दिए थे। इसके बाद, लगभग एक महीने तक रडार से गायब रहने के बाद 27 अप्रैल को यह भारत के पश्चिमी हिस्से में दोबारा रडार पर दिखाई दिया।

वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर और नाकेबंदी

पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार की नजरें इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य के ट्रैफिक पर टिकी हुई हैं। पिछले दो महीनों में अमेरिका और ईरान द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ की गई नाकेबंदी के कारण इस समुद्री रास्ते से जहाजों की आवाजाही लगभग शून्य हो गई है।

होर्मुज का यह रास्ता वैश्विक LNG आपूर्ति का लगभग 20% (पांचवां हिस्सा) संभालता है। इसके बंद होने से वैश्विक बाजार में गैस की भारी कमी हो गई है, जिसके परिणामस्वरूप कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है।

सिग्नल बंद करने की रणनीति और जहाज का गंतव्य

‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ जैसे संवेदनशील इलाके से गुजरते समय जहाजों द्वारा पहचान छिपाने के लिए अपने ट्रांसपोंडर (सिग्नल देने वाला यंत्र) बंद कर देना एक आम रणनीति है। कई बार इस क्षेत्र में शिपिंग डेटा को जानबूझकर जाम भी किया जाता है।

‘मुबारज’ टैंकर फिलहाल चीन के एक टर्मिनल की ओर इशारा कर रहा है। डेटा के मुताबिक, यह 15 मई तक चीन पहुंच सकता है। जहाज के मालिकाना हक वाली कंपनी ‘एडनॉक’ ने फिलहाल इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

तनाव के कारण पिछली कोशिशें रहीं नाकाम

इस घटना से पहले, अप्रैल की शुरुआत में ट्रैकिंग डेटा में एक खाली LNG टैंकर को ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से बाहर निकलते हुए देखा गया था। हालांकि, अब तक गैस से लदे किसी भी जहाज के इस तनावपूर्ण रास्ते को पार करने की पुष्टि नहीं हुई थी। हाल ही के दिनों में कतर से LNG लेकर निकले कई जहाज इस जलडमरूमध्य के करीब पहुंचे जरूर थे, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच लगातार जारी तनाव और खतरे को देखते हुए उन्हें बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा था। अब ‘मुबारज’ टैंकर का यह सफर इस बात का संकेत है कि भारी सैन्य तनाव और नाकेबंदी के बीच भी वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बहाल करने के लिए जोखिम भरे प्रयास किए जा रहे हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN