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UAE के बरकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन हमला, लगी भयानक आग; क्या लीकेज का खतरा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन (FANR) ने तुरंत बयान जारी कर कहा कि प्लांट की रेडियोएक्टिव सुरक्षा स्तर पूरी तरह सामान्य है। चारों यूनिट्स बिना किसी रुकावट के बिजली उत्पादन जारी रखे हुए हैं।

अबू धाबी के अल धाफरा क्षेत्र में स्थित बरकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट ड्रोन हमले से आग लग गई। रिपोर्ट के मुताबिक, संयंत्र के बाहरी इलाके में इलेक्ट्रिकल जनरेटर पर यह अटैक हुआ, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ है। फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन (FANR) ने तुरंत बयान जारी कर कहा कि प्लांट की रेडियोएक्टिव सुरक्षा स्तर पूरी तरह सामान्य है। चारों यूनिट्स बिना किसी रुकावट के बिजली उत्पादन जारी रखे हुए हैं। यह प्लांट UAE की कुल बिजली का लगभग 25 प्रतिशत उत्पादन करता है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा पर इसका गहरा प्रभाव पड़ता है।

यह घटना US-ईरान युद्ध के बीच क्षेत्रीय तनाव के चरम पर हुई है। हाल के हफ्तों में ईरान से जुड़े ड्रोन और मिसाइल हमलों में फुजैरा ऑयल जोन, ADNOC टैंकर और अन्य ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया गया है। बरकाह प्लांट पर हमला क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक नया खतरा साबित हो सकता है, क्योंकि परमाणु सुविधाओं पर कोई भी हमला बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय और मानवीय संकट पैदा कर सकता है। UAE की वायु रक्षा प्रणालियों ने पहले कई हमलों को रोकने में सफलता हासिल की है, लेकिन इस बार प्लांट के बाहरी हिस्से तक ड्रोन पहुंचने में कामयाब रहा।

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश

UAE सरकार ने तुरंत जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। अब तक किसी भी समूह या देश ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला ईरान समर्थित समूहों की ओर से किया गया हो सकता है, जो US-ईरान संघर्ष का हिस्सा है। बरकाह प्लांट अरब दुनिया का पहला बड़ा परमाणु ऊर्जा केंद्र है, जो UAE को स्वच्छ ऊर्जा की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाता है।

इस घटना से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि परमाणु स्थलों की सुरक्षा वैश्विक शांति से जुड़ी हुई है। UAE ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। इस घटना से ऊर्जा बाजार में भी अस्थिरता आ सकती है, क्योंकि UAE तेल और गैस निर्यात में प्रमुख देश है। फिलहाल प्लांट पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN