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जनरल द्विवेदी की ‘भूगोल-इतिहास’ वाली चेतावनी पर पाकिस्तान ने परमाणु ताक़त की कही बात

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Source :- BBC INDIA

आसिम मुनीर और जनरल उपेंद्र द्विवेदी

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प्रकाशित 17 मई 2026, 15:35 IST

अपडेटेड 4 घंटे पहले

पढ़ने का समय: 6 मिनट

पाकिस्तान की सेना ने भारतीय सेना प्रमुख के पाकिस्तान को लेकर हाल ही में दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि एक संप्रभु परमाणु हथियार संपन्न पड़ोसी को भूगोल से मिटाने की धमकी देना ‘बौद्धिक क्षमताओं के दिवालिएपन और युद्ध के पागलपन’ को दिखाता है.

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता कार्यालय ‘आईएसपीआर’ की ओर से रविवार को जारी एक बयान में कहा गया कि “इस तरह का भौगोलिक ख़ात्मा यक़ीनन दोतरफ़ा होगा, क्योंकि एक परमाणु राष्ट्र को किसी दूसरे परमाणु राष्ट्र को मिटाने की बात करने के बजाय धैर्य और गंभीरता दिखानी चाहिए.”

शनिवार को भारतीय सेना की सालाना सिविल-मिलिट्री डिबेट ‘सेना संवाद 2026’ में अपने विचार बताते हुए, भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से पूछा गया कि “अगर पाकिस्तान ने कुछ ऐसा किया जिससे फिर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ करने के लिए मजबूर होना पड़ा तो पाकिस्तान को क्या जवाब देंगे?”

इस पर भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, “अगर पाकिस्तान आतंकवादियों को सपोर्ट करता रहा और भारत विरोधी गतिविधियों से बाज़ नहीं आया, तो उसे तय करना होगा कि वह भूगोल और इतिहास का हिस्सा बना रहना चाहता है या नहीं.”

पाकिस्तानी आर्मी के जवाब में आगे कहा गया कि “पाकिस्तान ने ग्लोबल स्टेज पर अपनी अहमियत बना ली है, जबकि वह एक घोषित न्यूक्लियर पावर है और साउथ एशिया के भूगोल और इतिहास का एक कभी न मिटने वाला हिस्सा है.”

बयान में आगे कहा गया “भारतीय सेना प्रमुख का यह बयान दिखाता है कि आठ दशक बीत जाने के बावजूद, इंडियन लीडरशिप न तो पाकिस्तान के कॉन्सेप्ट को अपना पाई है और न ही उसने कोई सबक़ सीखा है.”

आईएसपीआर के बयान में आगे कहा गया कि “भारत में पाई जाने वाली इसी सोच की वजह से साउथ एशिया को बार-बार युद्धों और संकटों की ओर धकेला जाता है. दिल्ली का आक्रामक रवैया पाकिस्तान को नुक़सान पहुंचाने में नाकामी और निराशा पर आधारित है.”

जनरल उपेंद्र द्विवेदी

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पिछले साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए चरमपंथी हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे. इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के अंदर कई जगहों पर चरमपंथी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया था.

भारत ने इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया था. इसके बाद पाकिस्तान और भारत के बीच चार दिन का सैन्य संघर्ष शुरू हुआ.

भारतीय सेना प्रमुख ने क्या कहा?

भारतीय सेना के सालाना सिविल-मिलिट्री डिबेट ‘सेना संवाद 2026’ में सेना प्रमुख ने जनता के साथ अंदरूनी और बाहरी ख़तरों और भविष्य की युद्ध रणनीति पर चर्चा की.

इस इवेंट को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख ने आगे कहा कि आर्मी और सिविलियन के बीच तालमेल भविष्य के मिलिट्री ऑपरेशन और देश की तैयारी में अहम भूमिका निभाएगा.

पाकिस्तान पर चरमपंथियों और उनके संगठनों को पनाह देने का आरोप लगाते हुए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पाकिस्तान दशकों से उन्हें पनाह दे रहा है और जब भारत इस पर प्रतिक्रिया करता है, तो वह इससे मुंह मोड़ लेता है.

यह ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान भारतीय सेना और सिविलियन लीडरशिप के ऐसे आरोपों से इनकार करता रहा है.

उपेंद्र द्विवेदी

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पूरे देश को मॉडर्न युद्ध और नेशनल सिक्योरिटी प्लानिंग पर एक नज़रिया रखना चाहिए.

यह पहली बार नहीं है जब भारतीय सेना प्रमुख ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में बात की है. पिछले महीने की शुरुआत में एक पॉडकास्ट में जनरल द्विवेदी ने कहा था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना ने नमाज़ के दौरान हमला न करने का फ़ैसला किया था.

एक सवाल के जवाब में जनरल द्विवेदी ने कहा था, “ऑपरेशन के दौरान एक समय पर, हम अपने टारगेट को ख़त्म करने का समय तय कर रहे थे.” उन्होंने कहा कि हमले का समय सुबह 2 बजे, सुबह 4 बजे या कोई और समय हो सकता था.

“लेकिन हमने यह पक्का किया कि हम मिलिटेंट कैंप पर तब हमला न करें जब लोग वहां नमाज़ पढ़ रहे हों क्योंकि सबका भगवान एक ही है.”

भारत और पाकिस्तान का झंडा

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पाकिस्तान और भारत के नेताओं के आक्रामक बयान

पिछले एक साल में इस मुद्दे पर दोनों देशों की सिविल और मिलिट्री लीडरशिप का रवैया लगातार तीखा होता गया है.

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले महीने एक इवेंट में पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि “ऑपरेशन (सिंदूर) अभी ख़त्म नहीं हुआ है. अगर पाकिस्तान की तरफ़ से किसी भी तरह की नापाक हरकत हुई, तो हमारी सेना ऐसा करारा जवाब देगी जिसे वे कभी नहीं भूलेंगे.”

भारतीय रक्षा मंत्री ने कहा था कि “पहलगाम हमले में 26 आम लोगों की हत्या भारत के सामाजिक ताने-बाने और एकता पर हमला था.”

जवाब में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने एक्स पर एक मैसेज में कहा था कि पाकिस्तान शांति और क्षेत्रीय स्थिरता चाहता है लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा.

पिछले साल भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि “आज सिंध की ज़मीन भले ही भारत का हिस्सा न हो, लेकिन सांस्कृतिक रूप से सिंध हमेशा भारत का हिस्सा रहेगा और जहां तक ​​ज़मीन का सवाल है, बॉर्डर बदल सकते हैं. कौन जानता है, सिंध कल ही भारत वापस आ जाएगा.”

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जवाब में कहा था कि “भारत के लिए बेहतर होगा कि वह अपने देश में कमज़ोर और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा पक्का करे, उनके खिलाफ़ हिंसा भड़काने वाले लोगों को ज़िम्मेदार ठहराए, और धार्मिक भेदभाव और इतिहास की ग़लतफ़हमियों के आधार पर हो रहे अन्याय को ख़त्म करे.”

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

SOURCE : BBC NEWS