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पैकेट वाला या घर का कौन सा दही है हेल्थ के लिए बेस्ट? जान लें जवाब

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Packaged curd vs homemade curd: सुविधा के अनुसार पैकेट का दही खरीदकर खाने की आदत है, तो क्या वो आपके हेल्थ के लिए फायेदमंद है? जानें पैकेट वाली या होममेड कौन सी दही आपके डाइजेशन और हेल्थ के लिए कितनी फायदेमंद है।

गर्मियों में दही का यूज ज्यादा लोग करने लगते हैं। रायता, लस्सी, छाछ से लेकर प्लेन दही हेल्थ के लिए फायदेमंद होती है। गर्मियों में शरीर को ठंडक देने के लिए दही बेस्ट होती है। काफी लोग मार्केट में मिल रही पैकेट वाली दही खरीदना पसंद करते हैं क्योंकि ये गाढ़ी होती है और आसानी से मिल जाती है। इसे कैरी करना भी आसान होता है, लेकिन क्या पैकेट वाली दही घर की दही से ज्यादा बैटर होती है? क्या पैकेट वाली वो गाढ़ी दही हेल्थ के लिए बेस्ट है? अगर इस तरह के सवाल में मन में आते हैं तो इनका जवाब जान लें।

क्या पैकेट वाली दही हेल्थ के लिए अच्छी है?

पैकेट वाली दही पॉश्चराइज्ड होती है जिससे इसकी सेल्फ लाइफ ज्यादा हो और दही में हार्मफुल बैक्टीरिया ना पनपें। लेकिन पाश्चराइजेशन की वजह से दही हार्मफुल बैक्टीरिया से तो बच जाती है लेकिन इसके प्रोबायोटिक कंटेट प्रभावित होते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक दही के इस प्रोसेस से गुजरने के बाद फायदेमंद बैक्टीरिया कम हो जाते हैं, साथ ही प्रोबायोटिक (जो गट हेल्थ के लिए अच्छे होते हैं) भी कम हो जाते हैं।

हालांकि पैकेज्ड दही में भले ही प्रोबायोटिक कम हो लेकिन न्यूट्रिशनल वैल्यू जैसे कैल्शियम और प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है।

घर की दही क्यों है अच्छी

वहीं अगर आप दही को गट हेल्थ के लिए खाना चाहते हैं जिससे एक्टिव प्रोबायोटिक बॉडी को मिल सकें तो घर का दही बेस्ट ऑप्शन है। घर की दही को लिमिटेड टाइम में फर्मेंट करके कुछ ही घंटों में खा लिया जाता है। जिससे दही में लाइव प्रोबायोटिक बैक्टीरिया ज्यादा होते हैं। इसलिए होममेड दही को खाना हेल्थ के लिए ज्यादा फायदेमंद है। खासतौर पर गट हेल्थ और डाइजेशन के लिए।

तो अगर आप सुविधा के हिसाब से खाना चाहते हैं तो पैकेट वाली दही को खाया जा सकता है। इसमे न्यूट्रिशन वैल्यू होती है भले ही एक्टिव बैक्टीरिया की मात्रा कम हो।

हालांकि एक्सपर्ट का मानना है कि घर की बनी दही पैकेट की दही से ज्यादा बेहतर है क्योंकि इसमे प्रिजरवेटिव और फ्लेवर ऐड नहीं होता है। इसमे एक्टिव प्रोबायोटिक के साथ ही जरूर मिनरल्स जैसे कैल्शियम, फास्फोरस मौजूद होते हैं।

एडेडेटिव शुगर

वहीं पैकेट वाली दही अगर फ्लेवर्ड खरीद रहे हैं जिसमे किसी तरह के फ्रूट जैसे मैंगो, ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी का फ्लेवर ऐड है तो कई बार 100 ग्राम दही के पैक में 15-20 ग्राम तक शुगर ऐड होती है। जो कि हेल्थ के लिए तो बिल्कुल अच्छी नहीं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN