Source :- LIVE HINDUSTAN
गर्मियों के मौसम में शरीर तापमान के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश करता है, जिसका असर हमारे पाचन पर होता है। ऐसे में गर्मियों में पाचन दुरुस्त रखने के लिए 10 बातें अपनाएं।
गर्मियों के मौसम में बढ़े हुए तापमान के कारण पाचन क्रिया स्लो हो जाती है। वहीं तापमान के कारण आंतों के बैक्टीरिया भी परेशान हो जाते हैं और जिसकी वजह से पेट बहुत ज्यादा सेंसेटिव हो जाता है। इसकी वजह से भूख कम हो जाती है, ब्लोटिंग या गैस की समस्या हो जाती है, डिहाईड्रेशन, एसिडिटी, सीने में जलन, कब्ज, लूज मोशन हो सकते हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए हेल्थ शॉट्स को न्यूट्रीशिनिस्ट दीप्ति लोकेशप्पा ने गर्मियों में पाचन दुरुस्त रखने के 10 तरीकों के बारे में बताया है। इन तरीकों को अगर सही तरह से पूरा परिवार फॉलो करता है तो आप खुद को पेट से जुड़ी कई समस्याओं से बचा सकते हैं।
1) हाइड्रेशन का रखें ख्याल
गर्मियों में हाइड्रेशन का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए कम से कम 7 से 8 ग्लास पानी रोजाना पिएं। अपने रूटीन में नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी को शामिल करें।
2) छोटी मील्स खाएं
गर्मियों के मौसम में एक साथ भर प्लेट खाने की जगह टुकड़ों में खाना खाएं। हर 3 से 4 घंटे में कुछ खाएं।
3) हल्का खाना चुनें
खिचड़ी, दलिया और सूप जैसी चीजों को खाएं। हैवी, क्रीमी या फिर बहुत ज्यादा तेल वाले खाने से बचें।
4) मौसमी फल खाएं
तरबूज, खरबूज, पपीता और संतरे जैसे सीजनल फलों को डायट में शामिल करें। ये हाइड्रेशन में मदद करते हैं और पाचन क्रिया को आसान बनाते हैं।
5) सीजनल सब्जियों को खाएं
खीरा, लौकी, तोरई, पालक जैसी सब्जियों को अपने खाने में शामिल करें। ये पेट के लिए हल्की होती हैं और शरीर को ठंडा रखती हैं।
6) फाइबर रिच खाने की चीजें
गर्मियों के मौसम में खाने में ओट्स, ब्राउन राइस, सेब और नाशपाती जैसे फल और गाजर-चुकंदर जैसी सब्जियों को खाने में शामिल करें।
7) प्रोबायोटिक्स लें
दही, योगर्ट, लस्सी,छाछ, कोमबुछा जैसे प्रोबायोटिक्स को डायट में शामिल करें। ये आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया को हेल्दी रखते हैं।
8) स्पाइसी और ऑयली फूड को अवॉइड
गर्मियों के मौसम में स्पाइसी सब्जी और फ्राइड स्नैक्स को अवॉइड करें, ये एसिडिटी और ब्लोटिंग का कारण बन सकते हैं।
9) जंक और फ्राइड खाने से बचें
गर्मियों में समोसा, चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स, फास्ट फूड जैसी खाने की चीजों को अवॉइड करें। ये पचाने में मुश्किल होते हैं और आंतों की समस्याओं का कारण बनते हैं।
10) कॉफी, अल्कोहल और डेयरी आइटम पर लिमिट
बहुत ज्यादा दूध, चीज, आइसक्रीम से भारीपन की दिक्कत हो सकती है। वहीं कॉफी, अल्कोहल और सोडा जैसी ड्रिंक्स डिहाईड्रेशन और चिड़चिड़ेपन का कारण बन सकती हैं।
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