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दिल्ली की ट्रैफिक पुलिस ने नया OTP बेस्ड चालान वेरिफिकेशन सिस्टम शुरू किया है। अब गलत मोबाइल नंबर देने पर चालान जारी नहीं होगा। इससे गलत मोबाइल नंबर, फर्जी जानकारी और गलत चालान जैसी प्रॉब्लम कम होंगी। जानिये डिटेल्स:
New Traffic Challan OTP Rule: दिल्ली में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं होगा। दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस ने चालान सिस्टम में बड़ा बदलाव करते हुए नया OTP बेस्ड वेरिफिकेशन सिस्टम शुरू किया है। इस नए सिस्टम का मकसद गलत मोबाइल नंबर देने वाले लोगों पर रोक लगाना और सही व्यक्ति तक चालान पहुंचाना है। लंबे समय से ऐसी शिकायतें सामने आ रही थीं कि कई लोग ट्रैफिक पुलिस को गलत मोबाइल नंबर दे देते थे, जिसकी वजह से चालान किसी दूसरे व्यक्ति तक पहुंच जाता था या फिर नोटिस सही समय पर नहीं मिल पाता था। सोशल मीडिया और Reddit जैसे प्लेटफॉर्म पर भी लोग ऐसी शिकायतें कर चुके हैं।
नए रूल के तहत अब ट्रैफिक पुलिस जब चालान जारी करेगी, तो पहले मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा। OTP वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही चालान जारी किया जाएगा। अगर OTP वेरिफाई नहीं होता, तो चालान आगे नहीं बढ़ेगा। इस सिस्टम का मकसद गलत डेटा, फर्जी नंबर और सिस्टम की गड़बड़ियों को कम करना है।
ऐसे काम करेगा नया OTP वेरिफिकेशन सिस्टम
ट्रैफिक पुलिस ने चालान जारी करने के प्रोसेस को ज्यादा सुरक्षित और ट्रांसपेरेंट बनाने के लिए OTP वेरिफिकेशन सिस्टम शुरू किया है। इस सिस्टम में जब ट्रैफिक पुलिस किसी वाहन चालक का मोबाइल नंबर दर्ज करेगी, तब उस नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा। OTP डालकर नंबर वेरिफाई करने के बाद ही चालान जारी होगा। अगर OTP वेरिफिकेशन फेल हो जाता है, तो चालान जारी नहीं किया जाएगा। इससे गलत मोबाइल नंबर देने वाले लोगों की पहचान करना आसान होगा।
गलत नंबर देने वालों पर लगेगी रोक
पहले कई लोग चालान से बचने के लिए गलत मोबाइल नंबर दे देते थे। कुछ मामलों में पुराने नंबर VAHAN डेटाबेस में अपडेट नहीं होते थे, जिससे असली वाहन मालिक तक जानकारी नहीं पहुंचती थी। अब OTP सिस्टम आने के बाद सिर्फ वही नंबर स्वीकार होगा, जिस पर OTP वेरिफाई होगा। इससे ट्रैफिक पुलिस का रिकॉर्ड ज्यादा सही रहेगा।
Fake Challan Scam भी होंगे कम
पिछले कुछ समय में Fake e-Challan Scam तेजी से बढ़ा है। लोगों को WhatsApp और SMS के जरिए नकली चालान लिंक भेजे जाते हैं। इन मैसेज में APK फाइल या फर्जी वेबसाइट लिंक दिए जाते हैं, जिन पर क्लिक करते ही फोन हैक हो सकता है या बैंक अकाउंट खाली हो सकता है। अगर आपके पास चालान से जुड़ा कोई मैसेज आता है, तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें: WhatsApp पर आने वाले चालान लिंक से सावधान रहें, सिर्फ सरकारी वेबसाइट पर ही चालान चेक करें, UPI PIN या बैंक डिटेल्स शेयर न करें, Official Parivahan Portal पर जाकर चालान वेरीफाई करें।
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