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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड सऊदी अरब के शहर जेद्दा में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनाएगा. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और सऊदी अधिकारियों के बीच इस सिलसिले में अभी शुरुआती बातचीत हुई है और जल्द इस मामले को अंतिम रूप देकर औपचारिक समझौता किया जाएगा.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड सऊदी अरब में क्रिकेट को बढ़ावा देना चाहता है. अगर यह योजना पूरी होती है तो भविष्य में पाकिस्तान सुपर लीग के मैच भी इस स्टेडियम में कराए जा सकेंगे.
पाकिस्तान और सऊदी अरब कई क्षेत्रों में एक दूसरे का सहयोग करते हैं.
अब ये सहयोग क्रिकेट में भी शुरू हो सकता है.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से सऊदी अरब में क्रिकेट स्टेडियम बनाकर वहां मैच कराने की एक बड़ी वजह यह भी है कि वहां एशियाई लोगों की बहुत बड़ी आबादी रहती है, जो क्रिकेट में काफ़ी दिलचस्पी रखती है.
दूसरी अहम वजह यह है कि सऊदी अरब हाल के सालों में खेलों के बड़े केंद्र के रूप में उभरा है.
उसकी मजबूत आर्थिक स्थिति से खेल बाज़ार में निवेश की काफ़ी गुंज़ाइश बनी है जो हर किसी को अपनी ओर खींच रही है.
मोहम्मद बिन सलमान की दिलचस्पी
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सीनियर क्रिकेट विश्लेषक डॉक्टर नौमान नियाज़ बीबीसी हिंदी से बात करते हुए कहते हैं, “जब से मोहम्मद बिन सलमान क्राउन प्रिंस बने हैं, उन्होंने दूसरे क्षेत्रों के साथ-साथ खेलों में भी अहम कदम उठाए हैं और उन्होंने सऊदी अरब को दुनिया के सामने एक बड़े खेल राष्ट्र के रूप में पेश किया है.”
नौमान नियाज़ कहते हैं कि क्राउन प्रिंस की वजह से क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे दिग्गज फ़ुटबॉलर सऊदी लीग में खेले.
उन्होंने कहा, “अगर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को सऊदी अरब में यह मौक़ा मिलता है तो यह उसके लिए बहुत अच्छा होगा. अगर पाकिस्तान सुपर लीग के मैच वहां होते हैं या पाकिस्तान वहां अंतरराष्ट्रीय मैच भी कराता है तो इससे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रायोजक भी वहां आएंगे. इसके अलावा पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच इस सहयोग से बुनियादी ढांचे के विकास में भी पाकिस्तान को बहुत फ़ायदा होगा.”
कासिम नकवी सऊदी अरब क्रिकेट फ़ेडरेशन के संस्थापक सदस्यों में शामिल हैं. वह बीस साल इस फ़ेडरेशन से जुड़े रहे हैं.
उन्होंने बीबीसी हिंदी से कहा, “यह खुशी की बात है कि एक बढ़िया स्टेडियम सऊदी अरब में बनेगा, जिसकी कमी लंबे समय से महसूस की जाती रही है. यहां मैदान ज़रूर हैं, लेकिन अधिकतर क्रिकेट सीमेंट वाली विकेटों पर होती है. यह अच्छी बात है कि सऊदी अरब के लोग अब फ़ुटबॉल के साथ-साथ क्रिकेट में भी दिलचस्पी ले रहे हैं.”
नकवी कहते हैं, “2005 में हमने जेद्दा में फ़ुटबॉल स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ़ बिछाकर पाकिस्तान इलेवन और एशियन इलेवन के क्रिकेट मैच कराए थे. एक समय ऐसा भी आया था जब सऊदी अरब आईसीसी की वर्ल्ड टी20 रैंकिंग में 24वें नंबर पर आ गया था, हालांकि अब उसकी रैंकिंग 32 है.”
कासिम नकवी आगे कहते हैं, “सऊदी अरब में पाकिस्तानी और भारतीय लोगों की बहुत बड़ी आबादी रहती है और ये लोग क्रिकेट में बहुत ज़्यादा दिलचस्पी रखते हैं. जब वहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनेगा और उसमें अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी खेलेंगे तो यह निश्चित रूप से क्रिकेट प्रशंसकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा और वे इसमें दिलचस्पी लेंगे.”
मदीना में रहने वाले पाकिस्तानी ड्राइवर मोहम्मद आमिर लंबे समय से वहां आने वाले हज यात्रियों और जायरीन को ट्रैवल सुविधा दे रहे हैं. वह खुद भी क्रिकेट के शौकीन हैं और मदीना में नियमित रूप से क्लब क्रिकेट खेलते हैं.
वह बीबीसी हिंदी से बात करते हुए कहते हैं, “ज़ाहिर है जब सऊदी अरब में क्रिकेट स्टेडियम बन जाएगा और बाहर से खिलाड़ी यहां खेलने आएंगे तो यहां रहने वालों की यह इच्छा भी पूरी हो सकेगी कि वे उन खिलाड़ियों को अपने सामने खेलते देख सकें.”
सऊदी अरब में क्रिकेट का सफ़र
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सऊदी अरब में क्रिकेट 1960 के दशक से खेली जा रही है, हालांकि 1970 के दशक में इसे संगठित किया जाने लगा, जब वहां एसोसिएशन बने.
2003 में सऊदी अरब क्रिकेट सेंटर बना और संगठित क्रिकेट को औपचारिक क़ानूनी रूप दिया गया.
इसी साल सऊदी अरब को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अधिकार मिला. 2016 में उसे एसोसिएट सदस्य का दर्जा दे दिया गया.
समय के साथ सऊदी अरब में क्रिकेट का दायरा बढ़ता गया है. इस समय वहां 15 क्षेत्रीय क्रिकेट एसोसिएशन हैं, जो सऊदी अरब क्रिकेट फ़ेडरेशन से संबद्ध हैं.
देश में करीब 400 पंजीकृत क्लब हैं और जिनमें सात हज़ार से ज़्यादा क्रिकेटर खेलते हैं.
सऊदी अरब क्रिकेट फ़ेडरेशन की स्थापना जनवरी 2020 में हुई थी. सऊदी अरब एशियन क्रिकेट काउंसिल के आयोजनों में भी नियमित रूप से हिस्सा लेता रहा है.
सऊदी अरब इस साल से महिला विश्व टी20 चैलेंज भी शुरू करने वाला है, जिसके लिए उसने एक निजी कंपनी से पांच साल का समझौता किया है. इस लीग में कई देशों की महिला क्रिकेटर हिस्सा लेंगी.
सऊदी अरब आईपीएल में निवेश में भी दिलचस्पी दिखा चुका है.
वहां क्रिकेट से दिलचस्पी इस लिहाज से भी अहम है कि वहां सबसे ज़्यादा लोकप्रिय खेल फ़ुटबॉल है.
सऊदी अरब की टीम फ़ीफ़ा विश्व कप में भी हिस्सा लेती रही है और उसकी अपनी प्रो फ़ुटबॉल लीग काफ़ी प्रसिद्ध है.
विज़न 2030 के तहत अब सऊदी अरब का पूरा ध्यान फ़ुटबॉल के बुनियादी ढांचे पर केंद्रित है और उसकी नज़रें 2034 फ़ुटबॉल विश्व कप की मेज़बानी पर लगी हैं, जिसकी औपचारिक पेशकश वह फ़ीफ़ा को कर चुका है. वह यह विश्व कप पांच शहरों में कराने का इरादा रखता है.
सऊदी अरब में होने वाली फ़ुटबॉल लीग दुनिया के कई मशहूर खिलाड़ियों की मौजूदगी की वजह से सबका ध्यान खींच चुकी है. इन खिलाड़ियों में क्रिस्टियानो रोनाल्डो, सादियो माने, करीम बेंजेमा, रियाद महरेज़ और नेमार प्रमुख हैं.
ये वे खिलाड़ी हैं जो कभी यूरोपीय फुटबॉल के शिखर पर चमकते थे, लेकिन सऊदी अरब की मजबूत आर्थिक स्थिति ने उन्हें भारी रकम पर अपने साथ जोड़ लिया है.
फ़ॉर्मूला वन हो या अंतरराष्ट्रीय टेनिस खिलाड़ी या गोल्फ़र, सऊदी अरब में इन प्रतियोगिताओं का भी अपना आकर्षण रहा है.
यूएई के बाद अब सऊदी अरब
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इस समय खाड़ी देशों में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) क्रिकेट के मामले में सबसे मशहूर और व्यस्त देश के रूप में पहचाना जाता है.
यूएई में रहने वाले एशियाई लोगों की दिलचस्पी की वजह से क्रिकेट लोकप्रियता में काफ़ी आगे है. वहां दुबई, अबू धाबी और शारजाह में तीन अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम हैं.
यूएई में उसकी अपनी अंतरराष्ट्रीय टी20 लीग भी होती है. इसके अलावा वह आईसीसी टी20 विश्व कप और एशिया कप की मेज़बानी भी कर चुका है.
पाकिस्तान में जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बंद था, उस समय उसने अपनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट यूएई में ही खेली थी. इसके साथ ही यूएई में पीएसएल और आईपीएल के मैच भी हो चुके हैं.
यूएई के अलावा ओमान, कुवैत, बहरीन और क़तर में भी क्रिकेट काफ़ी खेली जाती है.
लेकिन समय के साथ सऊदी अरब जिस तेज़ी से क्रिकेट में प्रमुख रूप से उभर रहा है, उससे यह समझना मुश्किल नहीं कि वह इस क्षेत्र में क्रिकेट के एक अहम केंद्र के रूप में जगह बनाने के लिए तैयार नज़र आ रहा है.
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