Home राष्ट्रीय समाचार लखनऊ अग्निकांड: 15 की मौत, छात्रों समेत; चार गिरफ्तार, चार अधिकारी निलंबित

लखनऊ अग्निकांड: 15 की मौत, छात्रों समेत; चार गिरफ्तार, चार अधिकारी निलंबित

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एक भयंकर आग 22 जून 2026 को लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में तीन मंजिला वाणिज्यिक भवन में धधक उठी, जिससे कम से कम 15 छात्रों की दुखद मौत हो गई। इस घटना के बाद अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को सस्पेंड कर चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

**दुखद घटना**

22 जून की दोपहर को लखनऊ के अलीगंज में एक विशाल आग ने एक वाणिज्यिक भवन को घेर लिया। इस आग में कम से कम 15 छात्रों की मौत हो गई, जिनमें लगभग दर्जनभर बच्चे भी शामिल हैं। सात अन्य घायल हुए हैं और वर्तमान में उनका उपचार चल रहा है। मृतकों को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उन्हें पहुँचने पर मृत घोषित किया गया। ट्रॉमा सेंटर के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि घटना के बाद 21 से 22 बच्चे लाई गईं, जिनमें से पांच को मामूली चोटें आईं और उनका उपचार कराया जा रहा है। आग से बचने के लिए कूदे दो बच्चों की पीठ में चोटें आई हैं, उनकी सीटी स्कैन और अन्य जांच की जा रही हैं।

**सरकारी प्रतिक्रिया**

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जो इस घटना के समय अलीगढ़ में थे, अपनी यात्रा को बीच में ही रोककर लखनऊ लौट आए। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और पुलिस महानिदेशक तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को साइट पर भेजकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मामले की पूरी जांच कराने, दोषियों को सज़ा दिलाने और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने पर जोर दिया।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिवारों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये के अनुग्रह राशि की घोषणा की। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

**जांच और निलंबन**

इस त्रासदी के बाद उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया गया है ताकि आग लगने के कारणों और जिम्मेदारों की पहचान की जा सके। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस घटना से जुड़े चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारी निम्न हैं:

– टाउन प्लानिंग विभाग के सहायक अभियंता, जयदीप चौधरी
– राजकोट नगरपालिका निगम के सहायक टाउन प्लानर, गौतम जोशी
– सड़कों और भवन विभाग के उप कार्यकारी अभियंता, एमआर सुमा और पारस कोठिया
– पुलिस इंस्पेक्टर वीआर पटेल और एनआई राठोड़

इन अधिकारियों पर बिना आवश्यक अनुमतियाँ और सुरक्षा उपायों के वाणिज्यिक भवन को संचालित करने की गंभीर लापरवाही का आरोप है। सरकार की यह कार्रवाई जवाबदेही सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

**सामुदायिक और राष्ट्रीय प्रतिक्रिया**

इस आग ने समुदाय और देश में जोरदार प्रतिक्रिया उत्पन्न की है। स्थानीय निवासी और अधिकारी इस युवा जीवन के नुकसान पर गहरा शोक और चिंता व्यक्त कर रहे हैं। घटना ने भवन सुरक्षा मानकों और नियमों के कड़ाई से पालन के महत्व पर भी बहस छेड़ दी है ताकि इस तरह की आपदाओं को रोका जा सके।

**निष्कर्ष**

लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड ने वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और नियमों का पालन करने की अत्यंत आवश्यकता को गंभीरता से याद दिलाया है। युवा जीवन का यह नुकसान एक गहरा दुख है जिसने कई लोगों के दिल छू लिए हैं। अधिकारियों के निलंबन और जांच प्रारंभ करने जैसी त्वरित सरकारी कार्रवाई न्याय और जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जैसे-जैसे समुदाय शोक मनाता है, यह आशा जताई जा रही है कि ऐसी घटनाएं सुरक्षा मानकों के सख्त अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रेरणा बनेंगी ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियाँ न हों।

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