Source :- LIVE HINDUSTAN
BPMS, डिफेंस सर्विस के सिविलियन एम्पलॉई का प्रतिनिधित्व करता है। उसने केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सालाना वेतन वृद्धि को 3% से बढ़ाकर 6% करने पर भी जोर दे रहा है। NC-JCM का यह एफिलिटेड संगठन वेतन गणना के लिए उपयोग की जाने वाली पारिवारिक यूनिट की संख्या को तीन से बढ़ाकर 5 करने की भी मांग कर रहा है।
सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ता यानी DA में 2% की बढ़ोतरी का का ऐलान किया है। अब केंद्रीय कर्मचारियों का DA बढ़कर 60% हो गया है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई जब 8वें वेतन आयोग का गठन हो चुका है। इस बीच, भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने बुधवार को 8वें वेतन आयोग को सौंपे गए अपने ज्ञापन में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मूल वेतन 72,000 रुपए, अधिकतम 10 लाख रुपए और 4.0 के फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। बता दें कि BPMS, नेशनल काउंसिल-ज्वॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) कर्मचारी पक्ष का एक एफिलेटेड मेंबर है।
BPMS, डिफेंस सर्विस के सिविलियन एम्पलॉई का प्रतिनिधित्व करता है। उसने केंद्र सरकार के कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि को 3% से बढ़ाकर 6% करने पर भी जोर दे रहा है। NC-JCM का यह एफिलिटेड संगठन वेतन गणना के लिए उपयोग की जाने वाली पारिवारिक यूनिट की संख्या को तीन से बढ़ाकर 5 करने की भी मांग कर रहा है। BPMS के कार्यकारी अध्यक्ष मुकेश सिंह ने ET वेल्थ ऑनलाइन को बताया कि कर्मचारी संगठन ने बुधवार को 8वें वेतन आयोग को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। उसे उम्मीद है कि 8वां CPC अपनी सिफारिशों की रिपोर्ट तैयार करते समय इन मांगों पर विचार करेगा।
7वें वेतन आयोग में एक एंट्री-लेवल (पे मैट्रिक्स के अनुसार लेवल 1) कर्मचारी का मूल वेतन 18,000 रुपए है, जिसका मतलब है कि BPMS द्वारा मांगी गई 72,000 रुपए की न्यूनतम वेतन राशि में चार गुना की वृद्धि होगी। इतना ही नहीं, कर्मचारी संगठन यह भी चाहता है कि 250,000 रुपए की हाइएस्ट बेसिक सैलरी बढ़कर 10 लाख रुपए प्रति माह हो जाए।
BPMS इतनी अधिक वेतन राशि का प्रस्ताव क्यों दे रहा है?
न्यूनतम वेतन में चार गुना वृद्धि की गणना करने के लिए, BPMS ने स्टटिस्टिक्स और प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन मिनिस्ट्री (MoSPI) के प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय के आंकड़ों को आधार बनाया है। कर्मचारी संगठन का दावा है कि भारत में प्रति व्यक्ति आय 2016-17 के 103,219 रुपए से बढ़कर 2024-25 में 192,774 रुपए हो गई है, जो एक दशक से भी कम समय में लगभग 86.76% की वृद्धि दर्शाती है। 7वें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा निर्धारित मौजूदा न्यूनतम वेतन पर उपरोक्त वृद्धि कारक को लागू करते हुए BPMS इस निष्कर्ष पर पहुंचा है।
न्यूनतम वेतन (7वां CPC): 18,000 रुपए
महंगाई भत्ता @ 58%: 10,440 रुपए (मौजूदा DA 60%, लेकिन जब BPMS ने इसका प्रस्ताव दिया तब यह 58% था)
कुल योग: 28,440 रुपए
बढ़ोतरी @ 86.76%: 24,674.54 रुपए
संशोधित न्यूनतम वेतन: 53,114.54 रुपए
7वें वेतन आयोग ने एक कर्मचारी के मूल वेतन की गणना तीन फैमिली यूनिट के आधार पर की थी, इसलिए BPMS के अनुसार, प्रति इकाई वेतन 53,114.54/3 रुपए = 17,704.85 रुपए बैठता है। चूंकि, रक्षा कर्मचारी संगठन चाहता है कि सरकार 8वें वेतन आयोग के लिए 5 फैमिली यूनिट के आधार पर गणना करे, इसलिए BPMS ने ऐसे परिवार के लिए 17,704.85 X 5 रुपए = 88,524 रुपए वेतन का अनुमान लगाया है।
BPMS ₹88,524 की बजाय ₹72,000 का न्यूनतम वेतन क्यों मांग रहा?
कर्मचारी संगठन का कहना है कि उपरोक्त गणना के आधार पर ऑब्जेक्टिव इकॉनोमिक ग्रोथ और रियलस्टिक फैमिली यूनिट स्ट्रक्चर को देखते हुए न्यूनतम वेतन 88,524.24 रुपए बनता है, लेकिन सरकार के लिए व्यापक राजकोषीय प्रभावों को पहचानना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कर्मचारी संगठन का तर्क है कि वेतन संशोधन का प्रभाव न केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर पड़ता है, बल्कि इसका असर पेंशन, भत्तों और राज्य सरकार की सैलरी स्ट्रक्चर पर भी पड़ता है।
BPMS ने अपने मसौदे में आगे कहा कि इस संदर्भ में एक संतुलित और व्यावहारिक दृष्टिकोण का प्रस्ताव किया गया है। 88,524.24 रुपए की कैलकुलेट की गई राशि को अपनाने के बजाय 72,000 रुपए प्रति माह के एक संतुलित स्तर को उचित माना जा सकता है।
फिटमेंट फैक्टर 4.0 रखा गया
संगठन न्यूनतम वेतन में चार गुना बढ़ोतरी की मांग कर रहा है, इसलिए फिटमेंट फैक्टर भी 4.0 रखा गया है। BPMS का कहना है कि यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस फिटमेंट फैक्टर में महंगाई भत्ते (DA) के न्यूट्रलाइजेशन के कारण 1.58 का एक हिस्सा शामिल है। उसका ये भी कहना है कि फिटमेंट फैक्टर का बाकी हिस्सा उस असली बढ़ोतरी को दिखाता है जो एक सम्मानजनक जीवन स्तर सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।
7वें वेतन आयोग में ग्रुप D, C, B और A कर्मचारियों के लिए मूल वेतन के 18 स्तर हैं। BPMS ने लेवल 2 और 3, लेवल 4 और 5, और लेवल 9 और 10 को आपस में मिलाने की सिफारिश की है। 8वें वेतन आयोग के लिए इसका प्रस्तावित वेतन ढांचा इस प्रकार होगा।
| लेवल (मर्जर के साथ) | प्री-रिवाइज्ड पे (₹) | रिवाइज्ड एंट्री पे (₹) |
|---|---|---|
| 1 | 18000 | 72,000 |
| 2 & 3 | 19900 & 21700 | 86,800 |
| 4 & 5 | 25500 & 29200 | 1,16,800 |
| 6 | 35400 | 1,41,600 |
| 7 | 44900 | 1,79,600 |
| 8 | 47600 | 1,90,400 |
| 9 & 10 | 53100 & 56100 | 2,24,400 |
| 11 | 67700 | 2,70,800 |
| 12 | 78800 | 3,15,200 |
| 13 | 118500 | 4,74,000 |
| 13A | 131100 | 5,24,400 |
| 14 | 144200 | 5,76,800 |
| 15 | 182200 | 7,28,800 |
| 16 | 205400 | 8,21,600 |
| 17 | 225000 | 9,00,000 |
| 18 | 250000 | 10,00,000 |
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



