Source :- LIVE HINDUSTAN
Pregnancy Tips: डिलीवरी के समय होने वाला लेबर पेन काफी तेज और असहनीय हो सकता है, लेकिन सही तरीके अपनाकर इसे कुछ हद तक संभाला जा सकता है। गाइनकोलॉजिस्ट डॉ सोनिया गुप्ता ने इसी से जुड़ी कुछ टिप्स शेयर की हैं।
डिलीवरी के समय असहनीय लेबर पेन होता है। कई बार डर और घबराहट की वजह से ये दर्द और भी बढ़ जाता है। ऐसे समय में अगर सही जानकारी और सही तरीका पता हो तो काफी हद तक इस दर्द से राहत मिल सकती है। गाइनकोलॉजिस्ट डॉक्टर सोनिया गुप्ता के अनुसार, लेबर पेन के दौरान कुछ आसान और सुरक्षित उपाय अपनाकर दर्द को काफी हद तक संभाला जा सकता है। ये तरीके शरीर को रिलैक्स करते हैं, मन को शांत रखते हैं और डिलीवरी प्रोसेस को आसान बनाने में मदद करते हैं। खास बात यह है कि इन्हें बिना किसी मुश्किल तैयारी के अपनाया जा सकता है। अगर आपकी भी डिलीवरी होने वाली है, तो डॉ सोनिया के बताए ये आसान टिप्स आपके बहुत काम आ सकते हैं।
डीप ब्रीदिंग से शरीर को दें आराम
लेबर पेन शुरू होने पर सबसे पहले अपनी सांसों पर ध्यान दें। डॉ सोनिया गबताती हैं कि लंबी और धीमी सांस लेना शरीर को रिलैक्स करने में मदद करता है। जब आप धीरे-धीरे गहरी सांस लेती हैं, तो इससे स्ट्रेस लेवल कम होता है और मन शांत होता है। इससे दर्द को संभालना थोड़ा आसान हो जाता है। साथ ही बच्चे को भरपूर ऑक्सीजन मिलने में भी मदद मिलती है। इसलिए दर्द बढ़ने पर घबराने के बजाय डीप ब्रीदिंग स्टार्ट करें।
बैक मसाज से कमर दर्द करें कम
लेबर पेन के दौरान कई महिलाओं को कमर में तेज दर्द महसूस होता है। ऐसे समय में डॉक्टर हल्की बैक मसाज की सलाह देती हैं। कमर पर धीरे-धीरे हल्के हाथ से मसाज करने से मसल्स को आराम मिलता है और दर्द कुछ कम महसूस होता है। ध्यान रखें कि मसाज हल्के हाथों से और आरामदायक तरीके से होनी चाहिए।
बर्थिंग बॉल एक्सरसाइज से मिलेगी मदद
डॉ सोनिया कहती हैं कि बर्थिंग बॉल का इस्तेमाल लेबर के समय फायदेमंद हो सकता है। इस पर बैठकर हल्का मूवमेंट करने से शरीर लचीला बना रहता है और पेल्विक एरिया को सपोर्ट मिलता है। इससे लेबर प्रोसेस आसान महसूस हो सकता है। हालांकि इसे से तरीके से करना जरूरी है, इसलिए डॉक्टर के कंसल्ट और उनकी देखरेख में इसे इस्तेमाल करें। साथ ही इसे करते समय जल्दबाजी ना करें और बॉडी को रिलेक्स कंडीशन में रखें।
वॉकिंग और हल्का मूवमेंट रखें जारी
लेबर पेन के दौरान लगातार एक ही जगह लेटे रहने की बजाय हल्का मूवमेंट करना फायदेमंद हो सकता है। धीरे-धीरे चलना या शरीर को हल्का हिलाना दर्द को संभालने में मदद करता है। इससे शरीर एक्टिव रहता है और कई महिलाओं को आराम महसूस होता है। अगर डॉक्टर ने आराम करने के लिए ना कहा हो, तो हल्की वॉक की जा सकती है। हर मूवमेंट अपनी सुविधा और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करें।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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