Source :- LIVE HINDUSTAN
टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा टेलिसर्विसेज घाटे से मुनाफे में आ गई है। कंपनी को चौथी तिमाही में 581 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 306 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा टेलिसर्विसेज (महाराष्ट्र) लिमिटेड (टीटीएमएल) घाटे से मुनाफे में लौट आई है। बुरे हाल में पहुंच चुके टाटा टेलिसर्विसेज के शेयरों की चाल भी पिछले कुछ दिनों में सुधरी है। मार्च तिमाही के शानदार नतीजों के बाद टाटा टेलिसर्विसेज के शेयर गुरुवार को BSE में इंट्राडे के दौरान 12 पर्सेंट से अधिक के उछाल के साथ 49.81 रुपये पर पहुंच गए। टाटा टेलिसर्विसेज के शेयर पिछले दिनों अपने ऑल टाइम हाई लेवल से 89 पर्सेंट लुढ़क गए थे।
581 करोड़ रुपये का हुआ है मुनाफा
टाटा टेलिसर्विसेज (महाराष्ट्र) लिमिटेड को चौथी तिमाही में 581 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। एक साल पहले की समान अवधि में टाटा ग्रुप की इस कंपनी को 306 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। वहीं, दिसंबर 2025 तिमाही में टाटा टेलिसर्विसेज (महाराष्ट्र) लिमिटेड को 150 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। टाटा टेलिसर्विसेज को ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू चौथी तिमाही में सालाना आधार पर 4 पर्सेंट घटकर 296 करोड़ रुपये रहा है। कंपनी की प्रॉफिटैबिलिटी में यह तेज टर्नअराउंड बहुत हद तक एक्सेप्शनल आइटम्स की वजह से आया है, जो कि 663 करोड़ रुपये का रहा है। मार्च 2026 तिमाही में एक्सेप्शनल आइटम्स से पहले कंपनी को 82 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। हालांकि, एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले यह कम हुआ है। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 306 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
89% लुढ़क गए थे टाटा टेलिसर्विसेज के शेयर
टाटा टेलिसर्विसेज (महाराष्ट्र) लिमिटेड (TTML) के शेयर अपने अब तक के उच्चतम स्तर (ऑल टाइम हाई लेवल) से 89 पर्सेंट तक लुढ़क गए थे। टाटा टेलिसर्विसेज के शेयर 11 जनवरी 2022 को बीएसई में 291.05 रुपये पर थे। कंपनी के शेयर 30 मार्च 2026 को लुढ़कते हुए 30.12 रुपये पर जा पहुंचे थे। हालांकि, इस लेवल तक पहुंचने के बाद कंपनी के शेयरों में अच्छी रिकवरी देखने को मिली है। टाटा टेलिसर्विसेज के शेयरों का 52 हफ्ते का हाई लेवल 81.16 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप गुरुवार को 8850 करोड़ रुपये के पार जा पहुंचा है।
कंपनी पर ऊंचे ब्याज का बोझ
टाटा टेलिसर्विसेज (महाराष्ट्र) लिमिटेड को फिलहाल लगातार ऊंचे ब्याज का बोझ उठाना पड़ रहा है। मार्च 2026 तिमाही के दौरान कंपनी की फाइनेंस कॉस्ट 215 करोड़ रुपये रही है। हालांकि, यह एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले काफी कम है, तब कंपनी की फाइनेंस कॉस्ट 419 करोड़ रुपये थी। कर्ज ज्यादा होने का असर कंपनी की ओवरऑल प्रॉफिटैबिलिटी पर पड़ रहा है। ऑपरेटिंग लेवल पर चौथी तिमाही में कंपनी का इबिट्डा सालाना आधार पर 7 पर्सेंट बढ़कर 163 करोड़ रुपये रहा है, जो कि एक साल पहले की समान अवधि में 152 करोड़ रुपये था। कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन में भी सुधार देखने को मिला है और यह 43.74 पर्सेंट पहुंच गया है, जो कि एक साल पहले की समान अवधि के दौरान 34.98 पर्सेंट था।
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