Home विश्व समाचार क्या कल युद्ध फिर से शुरू होगा? ईरान और अमेरिका में तनातनी...

क्या कल युद्ध फिर से शुरू होगा? ईरान और अमेरिका में तनातनी बढ़ी, होर्मुज स्ट्रेट पर टकराव

19
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

यह संघर्ष फरवरी 2026 में शुरू हुआ था, जब US और उसके सहयोगियों ने ईरान पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए। तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट को भी बंद कर दिया, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को लेकर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। 2 हफ्ते पहले लागू किया गया अस्थायी युद्धविराम अब समाप्ति के करीब है। पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह संघर्ष फिर से शुरू होगा या सीजफायर आगे बढ़ाया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, युद्धविराम की समयसीमा खत्म होने में बहुत कम समय बचा है, लेकिन अब तक किसी ठोस समझौते के संकेत नहीं मिले हैं।

यह संघर्ष फरवरी 2026 में शुरू हुआ था, जब अमेरिका और उसके सहयोगियों ने ईरान पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए। तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट को भी बंद कर दिया, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई। बाद में बढ़ते तनाव को देखते हुए दोनों देशों ने 7 अप्रैल को दो हफ्ते का अस्थायी युद्धविराम लागू किया था, ताकि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सके।

युद्धविराम अपने अंत के करीब

अब समस्या यह है कि यह युद्धविराम अपने अंत के करीब है, लेकिन शांति वार्ता अनिश्चित बनी हुई है। पाकिस्तान में संभावित बातचीत की योजना बनाई गई थी, लेकिन ईरान ने इसमें शामिल होने को लेकर संदेह जताया है। अमेरिका की ओर से हाल ही में एक ईरानी जहाज को जब्त करने की कार्रवाई ने तनाव को और बढ़ा दिया है, जिसे ईरान ने युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। इस वजह से बातचीत की राह और मुश्किल हो गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख भी काफी सख्त दिखाई दे रहा है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि युद्धविराम को बढ़ाया जाना बहुत मुश्किल है और अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू हो सकती है। ट्रंप ने यहां तक कहा है कि अगर बातचीत विफल होती है तो बमबारी फिर शुरू हो सकती है। दूसरी ओर, ईरान ने भी चेतावनी दी है कि वह नए सैन्य कदम उठाने के लिए तैयार है।

दोनों देशों की आक्रामक बयानबाजी

फिलहाल स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। एक तरफ कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, तो दूसरी तरफ दोनों देशों की ओर से आक्रामक बयानबाजी भी हो रही है। अगर समय रहते कोई समझौता नहीं हुआ, तो युद्ध दोबारा भड़क सकता है, जिसका असर न सिर्फ मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ सकता है। यह कहना मुश्किल है कि ट्रंप समयसीमा बढ़ाएंगे या नहीं, लेकिन इतना तय है कि आने वाले कुछ दिन बेहद अहम साबित होने वाले हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN