Source :- LIVE HINDUSTAN
ओला इलेक्ट्रिक के शेयर की बात करें तो 36.31 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले इंट्रा-डे में 36.92 रुपये तक पहुंच गया। शेयर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने के बाद एक महीने में 60% से अधिक बढ़ चुका है। अब सोमवार को इस शेयर पर निवेशकों की नजर रहेगी।
Ola Electric share: बीते एक महीने से ओला इलेक्ट्रिक के शेयर डिमांड में हैं। यह शेयर सोमवार को भी सुर्खियों में रहने वाला है। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि ओला ने अप्रैल की बिक्री के आंकड़ों में महीने-दर-महीने 20% की बढ़ोतरी दर्ज की है। आइए डिटेल में जान लेते हैं कि कंपनी के शेयर की वर्तमान कीमत क्या है और परफॉर्मेंस कैसा रहा है।
शेयर का परफॉर्मेंस
ओला इलेक्ट्रिक शेयर की बात करें तो बीते गुरुवार को 36.31 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले इंट्रा-डे में 36.92 रुपये तक पहुंच गया। सितंबर 2025 में शेयर 71.24 रुपये पर था और मार्च 2026 में शेयर 21.21 रुपये के निचले स्तर पर रहा। शेयर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने के बाद एक महीने में 60% से अधिक बढ़ चुका है। अब सोमवार को इस शेयर पर निवेशकों की नजर रहेगी। बता दें कि शुक्रवार को महाराष्ट्र दिवस की वजह से शेयर बाजार में ट्रेडिंग नहीं हुई। वहीं, शनिवार और रविवार साप्ताहिक अवकाश का दिन होता है।
बिक्री में उछाल
ओला इलेक्ट्रिक ने शुक्रवार को अप्रैल 2026 में महीने-दर-महीने (MoM) मजबूत ग्रोथ की घोषणा की। डेटा के अनुसार, रजिस्ट्रेशन मार्च के 10,133 यूनिट्स से बढ़कर 12,166 यूनिट्स हो गए। यह मासिक आधार पर 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। कंपनी ने बताया कि अप्रैल के दौरान इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर उद्योग में महीने-दर-महीने (MoM) बिक्री 22 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। ऐसे में कंपनी का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। कंपनी ने कहा कि मार्च में ओला इलेक्ट्रिक ने जबरदस्त रिकवरी की और अप्रैल में भी यह रफ्तार बनी रही। कंपनी ने बताया कि हमारे देश में ही बनाए गए 4680 भारत सेल्स के कमर्शियलाइजेशन से लागत में कमी आई है, जिसका फायदा ग्राहकों तक पहुंचाया गया है। हम इस रफ्तार को बनाए रखने और भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल के विस्तार के अगले चरण को आगे बढ़ाने पर लगातार ध्यान दे रहे हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
WealthMills सिक्योरिटीज में इक्विटी स्ट्रेटेजी के डायरेक्टर क्रांति बाथिनी ने कहा कि ओला के शेयर की कीमत में हालिया गिरावट कुछ हद तक सेंटिमेंट पर आधारित है, जिसकी वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक सप्लाई से जुड़ी चिंताएं हैं। उम्मीद है कि अप्रैल के आंकड़ों और भविष्य की बुकिंग में संभावित बढ़ोतरी के आधार पर यह तेजी जारी रहेगी। कंपनी को ग्राहकों और निवेशकों का भरोसा फिर से जीतने के लिए अभी लंबा सफर तय करना है। वे इसे उन निवेशकों के लिए सही मानते हैं जो ज्यादा जोखिम उठाने की क्षमता रखते हैं।
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