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ईरान-अमेरिका में समझौता कराने निकले शी जिनपिंग, पेश किया 4 सूत्रीय शांति योजना का प्रस्ताव

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर जाने वाले जहाजों को डुबाने की धमकी दी है। ईरान ने होर्मुज की खाड़ी को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, लेकिन चीन जैसे मित्र देशों के जहाजों को गुजरने की इजाजत दी है।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए 4 सूत्रीय शांति योजना का प्रस्ताव रखा है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में शांति वार्ता विफल हो गई। फिलहाल युद्धविराम समाप्त होने से पहले नई बातचीत की संभावना पर विचार चल रहा है। शी जिनपिंग ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात के दौरान यह योजना पेश की। चीन ने अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी को खतरनाक बताया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर जाने वाले जहाजों को डुबाने की धमकी दी है। ईरान ने होर्मुज की खाड़ी को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, लेकिन चीन जैसे मित्र देशों के जहाजों को गुजरने की इजाजत दी है। शी जिनपिंग की 4 सूत्रीय योजना में पहला बिंदु मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र के देशों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पर जोर देता है। इसमें क्षेत्रीय देशों से संबंध सुधारने और स्थायी सुरक्षा ढांचा बनाने की अपील की गई है।

4 सूत्रीय शांति योजना का प्रस्ताव क्या है?

दूसरा बिंदु राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करने पर केंद्रित है, जिसमें किसी भी देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन न करने की बात कही गई है। तीसरा बिंदु वैश्विक अराजकता रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र को केंद्र में रखकर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान करता है। चौथा बिंदु विकास और सुरक्षा को जोड़ने पर बल देता है, जिसमें चीन अपने आधुनिकीकरण के अनुभव साझा करके क्षेत्रीय प्रगति में योगदान देने का वादा करता है।

चीन ने अमेरिका की कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है। ट्रंप ने ईरान को सैन्य सहायता देने पर चीन पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है, जिसे चीन ने पूरी तरह से गढ़ी हुई खबर बताया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि अगर यूएस अतिरिक्त टैरिफ लगाने का बहाना बनाता है तो चीन निश्चित रूप से दृढ़ विरोध करेगा। ट्रंप अगले महीने बीजिंग का दौरा करेंगे जहां शी जिनपिंग से बातचीत होनी है। चीन मध्य पूर्व में अपना रचनात्मक योगदान जारी रखते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा बढ़ाने का वादा कर रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के बावजूद चीन दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN