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अमेरिका ने भारत से इम्पोर्ट होने वाले सोलर पर 123% एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाई, लिस्ट में ये दो देश भी शामिल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

कॉमर्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जारी एक फैक्ट शीट के मुताबिक, एजेंसी ने जो शुरुआती ड्यूटी दरें तय की हैं, उसमें भारत से इम्पोर्ट पर 123.04%, इंडोनेशिया से इंपोर्ट पर 35.17% और लाओस से इंपोर्ट पर 22.46% की एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई जाएगा। बता दें कि इन्हें डंपिंग मार्जिन भी कहा जाता है।

सोलर सेल इंडस्ट्री में तेजी से आगे बढ़ रहे भारत के लिए एक बुरी खबर आई है। दरअसल, यूएस कॉमर्स डिपार्टमेंट ने भारत के साथ इंडोनेशिया और लाओस से इम्पोर्ट किए जाने वाले सोलर सेल और पैनल पर शुरुआती एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने का ऐलान किया है। एशिया से सोलर इम्पोर्ट पर पिछले एक दशक (10 सालों) में लगाए गए कई टैरिफ की कड़ी में यह नया कदम है। इस फैसले पर फेडरल ट्रेड अधिकारियों ने घरेलू सोलर फैक्ट्री ओनर्स का पक्ष लेते हुए यह पाया कि इन तीनों देशों में काम करने वाली कंपनियों ने यूएस बाजार में सस्ते सामान की डंपिंग की है।

भारत से इम्पोर्ट पर 123% एंटी-डंपिंग ड्यूटी
कॉमर्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जारी एक फैक्ट शीट के मुताबिक, एजेंसी ने जो शुरुआती ड्यूटी दरें तय की हैं, उसमें भारत से इम्पोर्ट पर 123.04%, इंडोनेशिया से इंपोर्ट पर 35.17% और लाओस से इंपोर्ट पर 22.46% की एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई जाएगा। बता दें कि इन्हें डंपिंग मार्जिन भी कहा जाता है। सरकारी व्यापार आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल यूएस के कुल सोलर इम्पोर्ट में इन तीनों देशों की हिस्सेदारी 4.5 अरब डॉलर थी, जो कुल इम्पोर्ट का लगभग दो-तिहाई है। यह फैसला उन देशों के उत्पादकों के लिए एक बड़ा झटका है, जो तेजी से बढ़ते यूएस बाजार में अपने सामान की सप्लाई कर रहे थे।

अमेरिकी प्रोडक्ट को नुकसान पहुंच रहा
अलायंस फॉर अमेरिकन सोलर मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेड ने ही यह याचिका दायर की थी। इस अलायंस में एरिजोना के टेम्पे स्थित फर्स्ट सोलर, कोरिया की कंपनी हनव्हा का सोलर डिवीजन क्यूसेल्स और दो निजी कंपनियां टैलन पीवी और मिशन सोलर शामिल हैं। अलायंस ने कहा, “इन शुरुआती नतीजों से यह पुष्टि होती है कि इन देशों के उत्पादक यूएस बाजार में सोलर सेल और मॉड्यूल की डंपिंग बहुत ही कम कीमतों पर कर रहे हैं। इससे अमेरिकी प्रोडक्ट को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक बेहद अहम मोड़ पर बाजार की प्रतिस्पर्धा भी प्रभावित हो रही है।”

पहले भी कई देशों में इम्पोर्ट टैरिफ लगवाया
यह ग्रुप इससे पहले भी दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों जैसे मलेशिया, कंबोडिया, वियतनाम और थाईलैंड से होने वाले इम्पोर्ट पर टैरिफ लगवाने में कामयाब रहा है। कॉमर्स डिपार्टमेंट ने बताया कि वह भारत और इंडोनेशिया से आने वाले सोलर सेल पर अपना अंतिम फैसला 13 जुलाई या उसके आस-पास सुनाएगा। वहीं, लाओस से होने वाले इम्पोर्ट पर फैसला 9 सितंबर या उसके आस-पास सुनाया जाएगा। इस एजेंसी ने फरवरी 2026 में भी इन तीनों देशों पर शुरुआती काउंटरवेलिंग ड्यूटी लगाने का ऐलान किया था।

एंटी-डंपिंग ड्यूटी क्या है?
एंटी-डंपिंग ड्यूटी एक प्रोटेक्टिव टैरिफ है। ये सरकार द्वारा उन विदेशी सामान के इम्पोर्ट पर लगाया जाता है जिनकी कीमत सामान्य बाजार मूल्य से काफी कम होती है। इसका उद्देश्य अपने घरेलू उद्योगों को सस्ते इम्पोर्टेड माल से होने वाले नुकसान से बचाना और बाजार में फेयर कॉम्पटीशन को बनाए रखना है। यहा इम्पोर्ट करने वाले देश की सरकार द्वारा जांच के बाद लगाया जाता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN