Source :- LIVE HINDUSTAN
रॉयटर्स के हवाले से हैटोंग फ्यूचर्स के एक नोट में कहा गया है कि सीजफायर का दौर आगे की लड़ाई की तरफ बढ़ता दिख रहा है। इसमें यह भी कहा गया है कि अगर अप्रैल के आखिर तक यूएस-ईरान बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकला और दुश्मनी फिर से शुरू होती है, तो तेल की कीमतें इस साल नई ऊंचाई पर पहुंच सकती हैं।
अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे हो रही नई चिंताओं के बीच, शुक्रवार (24 अप्रैल) सुबह तेल की कीमतों में एक बार फिर बढ़त देखने को मिला। इससे लगातार 5वें दिन ये बढ़त जारी रही। यह कदम ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में एक कार्गो जहाज पर चढ़ते कमांडो का फुटेज जारी करने के बाद आया। साथ ही, ऐसी रिपोर्ट भी आई कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ‘हास्टाइल टारगेट’ पर हमला किया था। बता दें कि ये टकराव तेजी से नेवी के दबाव का रूप ले चुका है, जिसमें यूएस और ईरान दोनों अपनी बातचीत की स्थिति को मजबूत करने के लिए आर्थिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने दो सप्ताह के सीजफायर के दौरान अपने हथियारों का स्टॉक थोड़ा बढ़ाया होगा, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना इसे एक दिन के अंदर बेअसर कर सकती है। ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा कि व्हाइट हाउस में एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद इजरायल और लेबनान अपने सीजफायर को तीन सप्ताह बढ़ाने पर राजी हो गए हैं।
24 अप्रैल को कच्चे तेल की कीमत
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0107 GMT तक $1.23 या 1.17% बढ़कर $106.3 प्रति बैरल हो गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट $1.07 या 1.12% बढ़कर $96.92 हो गया। गुरुवार को दोनों बेंचमार्क पहले ही 3% से ज्यादा ऊपर सेटल हो गए थे। तेहरान के ऊपर एयर डिफेंस एक्टिविटी की रिपोर्ट और ईरान के अंदर कट्टरपंथियों और नरमपंथियों के बीच पावर स्ट्रगल के संकेतों के बाद लगभग $5 प्रति बैरल बढ़ गए थे।
कीमतों में और इजाफा होने का डर
ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रॉयटर्स के हवाले से हैटोंग फ्यूचर्स के एक नोट में कहा गया है कि सीजफायर का दौर आगे की लड़ाई की तरफ बढ़ता दिख रहा है। इसमें यह भी कहा गया है कि अगर अप्रैल के आखिर तक यूएस-ईरान बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकला और दुश्मनी फिर से शुरू होती है, तो तेल की कीमतें इस साल नई ऊंचाई पर पहुंच सकती हैं।
मैक्वेरी का अनुमान है कि कच्चे तेल की कीमतें जल्द ही $85 से $90 (करीब 8,482 रुपए तक) की रेंज में सपोर्टेड रह सकती हैं। वहीं, सप्लाई की हालत सुधरने पर धीरे-धीरे बढ़कर $110 (करीब 10,367 रुपए) तक पहुंच सकती हैं। उसने इस बात का भी अलर्ट दिया है कि अप्रैल तक लंबे समय तक रुकावट रहने से ब्रेंट की कीमतें $150 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
दूसरी तरफ, नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के लंबे समय तक बंद रहने से कच्चे तेल की कीमतें $110 से $150 (करीब 10,367 रुपए से 14,136 रुपए तक) की रेंज में जा सकती हैं। बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट से हर दिन लगभग 20 मिलियन बैरल तेल ले जाया जाता है
तनाव की स्थिति जारी रहने की उम्मीद
ईरान इस बात पर जोर दे रहा है कि जहाज स्ट्रेट से गुजरने से पहले उसकी इजाजत लें, जबकि ट्रंप ने दावा किया कि यूएस का वॉटरवे पर पूरा कंट्रोल है। साथ ही, यूएस नेवी ने ईरानी पोर्ट और जहाजों को टारगेट करके नाकाबंदी बनाए रखी है। इसके अलावा, इजरायल के डिफेंस मिनिस्टर ने कहा कि यरुशलम ईरान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन फिर से शुरू करने और खामेनेई वंश को पूरी तरह खत्म करने के लिए अमेरिका की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
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