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गर्मी के बीच चढ़ा अडानी के शेयर का पारा, एक्सपर्ट बोले-अभी निवेश करना फायदेमंद

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Source :- LIVE HINDUSTAN

तापमान बढ़ने की आशंका के बीच अडानी पावर के शेयर को लेकर ब्रोकरेज निवेश की सलाह दे रहे हैं। गुरुवार को अडानी पावर के शेयर बीएसई पर भले ही सुस्त नजर आ रहे हों लेकिन पूरे अप्रैल महीने में यह 44% से ज्यादा उछला है।

भीषण गर्मी के बीच गौतम अडानी समूह की कंपनी अडानी पावर के शेयर ने उड़ान भर दी है। सप्ताह के चौथे दिन गुरुवार को अडानी पावर के शेयर बीएसई पर भले ही सुस्त नजर आ रहे हों लेकिन पूरे अप्रैल महीने में यह 44% से ज्यादा उछला है। तापमान बढ़ने की आशंका के बीच अडानी पावर के शेयर को लेकर ब्रोकरेज निवेश की सलाह दे रहे हैं।

क्या कहा ब्रोकरेज ने?

INVasset PMS के बिजनेस हेड, हर्षल दसानी ने कहा- भारत में बिजली की सबसे ज्यादा मांग 18 अप्रैल को ही बढ़कर लगभग 239 GW तक पहुंच गई है, जो पिछले साल अप्रैल के स्तर से ज्यादा है। सरकार को उम्मीद है कि इस गर्मी में बिजली की सबसे ज्यादा मांग 271 GW तक पहुंच जाएगी। बिजली मंत्रालय ने भी कहा है कि मिडल ईस्ट से जुड़े ईंधन आपूर्ति में रुकावटों के बावजूद इस कमी को पूरा करने के लिए कोयले से चलने वाले बिजली उत्पादन, रिन्यूएबल एनर्जी सोर्सेज और बिजली भंडारण पर निर्भरता बढ़ाई जा रही है। दसानी ने कहा कि जो निवेशक गर्मी की लहर से जुड़े निवेश के सबसे अच्छे मौकों की तलाश में हैं, उनके लिए अडानी पावर में अभी निवेश करना सबसे फायदेमंद रहेगा।

एंजेल वन के तकनीकी विश्लेषक राजेश भोसले बताते हैं कि ओवरबॉट जोन में होने के बावजूद अडानी पावर ने अपने ट्रेंड में कमजोरी का कोई संकेत नहीं दिखाया है। हालांकि, विश्लेषक चेतावनी देते हैं कि शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ज्यादा दूरी होने के कारण कुछ कंसोलिडेशन या हल्की गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता। एक ट्रेडिंग रणनीति के तौर पर ब्रोकरेज ने सुझाव दिया है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेडर कुछ मुनाफ बुक कर सकते हैं। भोसले आगे कहते हैं कि स्टॉक को ₹200 – ₹195 के आस-पास तुरंत सपोर्ट मिल सकता है जबकि ₹230 के स्तर के पास इसे रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। वर्तमान में शेयर 215 रुपये के स्तर पर है। इंट्रा-डे में शेयर 217.30 रुपये तक गया था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई भी है।

क्या कहते हैं आंकड़े

बिजली मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 22 अप्रैल को अधिकतम पूरी की गई बिजली मांग (एक दिन में सबसे अधिक आपूर्ति) 239.70 गीगावाट दर्ज की गई जो इस गर्मी की सबसे अधिक है। इस महीने के पहले पखवाड़े में अधिकतम बिजली मांग अपेक्षाकृत कम रही और यह पिछले वर्ष अप्रैल के औसत 235.32 गीगावाट से नीचे बनी रही। इस वर्ष 16 अप्रैल को अधिकतम पूरी की गई बिजली मांग 234.81 गीगावाट दर्ज की गई थी जबकि अगले दिन यह बढ़कर 238.94 गीगावाट हो गई। 18 अप्रैल को मांग लगभग इसी स्तर पर 238.80 गीगावाट रही लेकिन 19 अप्रैल को घटकर 225.69 गीगावाट हो गई। इसके बाद 20 अप्रैल को फिर बढ़कर 237.43 गीगावाट पहुंच गई। 21 अप्रैल को यह घटकर 236.73 गीगावाट रह गई थी।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

विशेषज्ञों का मानना है कि देश में तापमान बढ़ने के साथ बिजली की मांग और खपत और बढ़ेगी क्योंकि घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं द्वारा एयर कंडीशनर, एयर कूलर, अन्य उपकरणों का उपयोग अधिक होगा। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले चार-पांच दिन उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकतर हिस्सों में लू चलने के आसार हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN