Source :- LIVE HINDUSTAN
ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ दूसरे राउंड की वार्ता से इनकार कर दिया है। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस्लामिक सरकार अमेरिका के साथ इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे राउंड की वार्ता में हिस्सा नहीं लेगी।
Donald Trump: पश्चिम एशिया की जंग अब और भी ज्यादा उलझती जा रही है। अमेरिका दूसरे राउंड की शांति वार्ता की तैयारी कर चुका है, लेकिन दूसरी तरफ ईरान ने इस बातचीत के ऑफर को ठुकरा दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक ईरान के प्रतिनिधि इस वार्ता में हिस्सा नहीं लेंगे। बता दें, अमेरिका और ईरान के बीच यह शांति वार्ता इस्लामाबाद में आयोजित होनी थी। पाकिस्तान ने भी इसके लिए तैयारी करना शुरू कर दिया था। वाइट हाउस के मुताबिक उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले थे।
तेहरान की तरफ से फैसले की जानकारी देते हुए इस्लामिक राज की सरकारी मीडिया ने कहा, “ईरान की सरकार ने कहा है कि वह अमेरिका के साथ दूसरे दौर की शांति वार्ता में शामिल नहीं होगा। उनके इस फैसले के पीछे की सबसे बड़ी वजह अमेरिका की अत्याधिक मांगें, अवास्तविक अपेक्षा और हर मुद्दे पर विरोधाभास और होर्मुज पर जारी नाकेबंदी है। ईरान इन सभी बातों को युद्धविराम का खुला उल्लंघन मानता है।”
ट्रंप की टीम वार्ता के लिए पाकिस्तान आने की तैयारी में
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर दूसरे राउंड की वार्ता की जानकारी साझा करते हुए कहा था कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में ईरान के साथ बातचीत करने के लिए जा रहे हैं। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं किया था। बाद में वाइट हाउस की तरफ से बताया गया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर पाकिस्तान जा रहे हैं।
पिछली वार्ता से ईरान नाराज
गौरतलब है कि ईरान की तरफ से यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब होर्मुज को लेकर दोनों देशों के बीच में लगातार तनातनी बनी हुई है। लेबनान में हुए सीजफायर के बाद ईरान ने अमेरिका के साथ हुए अपने युद्धविराम की शर्तों को मानते हुए होर्मुज खोलने का ऐलान कर दिया था। लेकिन इसके कुछ ही देर बाद ट्रंप ने ऐलान किया कि जब तक ईरान के साथ शांति समझौता नहीं हो जाता, तब तक वह होर्मुज के पास ईरानी जहाजों के लिए लगाई गई नाकेबंदी को नहीं हटाएगा।
अमेरिका के इस फैसले को ईरान ने वादा खिलाफी माना और अगले ही दिन उन्होंने एक बार फिर से होर्मुज को बंद करने का ऐलान कर दिया। इसके बाद दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत में भी खलल पड़ गया। ईरान ने अमेरिका के ऊपर भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया, तो वहीं ट्रंप ने भी धमकी दी कि ईरान अब उन्हें ज्यादा ब्लैकमेल नहीं कर सकता है। यहां तक कि ट्रंप ने कह दिया कि ईरान को पर्याप्त रूप से अच्छी डील दी जा रही है। अगर वह इसे स्वीकार नहीं करता है, तो फिर अमेरिका हमला करना शुरू कर देगा।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



