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जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को कहा कि अमेरिका इस जंग से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं ढूंढ पा रहा है और ईरानी नेतृत्व, खासकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा अमेरिका को लगातार अपमानित किया जा रहा है।
ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर लागू होने के बावजूद युद्ध को पूर्ण रूप से समाप्त करने पर अब तक कोई सहमति नहीं बन सकी है। ईरान ने अमेरिका को हार्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और युद्ध समाप्त करने का नया प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव में परमाणु कार्यक्रम का कोई जिक्र नहीं किया गया है। इस बीच जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को कहा कि अमेरिका इस जंग से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं ढूंढ पा रहा है और ईरानी नेतृत्व, खासकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अमेरिका को लगातार अपमानित किया जा रहा है।
मर्ज ने पश्चिमी जर्मनी के मार्सबर्ग स्थित एक माध्यमिक विद्यालय में छात्रों से बात करते हुए कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ईरानी नेता उन्हें अपमानित कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि उनके इस बयान से ट्रांस-अटलांटिक संबंधों में और गहरी दरार पड़ने का खतरा है। चांसलर मर्ज ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि अमेरिका कौन सी रणनीति अपना रहा है। उन्होंने कहा कि तेहरान के वार्ताकार या तो बहुत कुशलता से आगे बढ़ रहे हैं या अमेरिकी पक्ष वास्तव में बहुत खराब तरीके से बातचीत कर रहा है।
इस दौरान उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों की शुरुआत से पहले ट्रंप प्रशासन ने जर्मनी या अन्य यूरोपीय नेताओं से कोई परामर्श नहीं किया था। मर्ज ने बताया कि उन्होंने ट्रंप से दो अलग-अलग बातचीत में अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं।
चांसलर मर्ज ने अफगानिस्तान और इराक जैसे अमेरिकी नेतृत्व वाले पिछले अभियानों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे संघर्षों को समाप्त करना सबसे बड़ी चुनौती होती है। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि यह जंग जल्द खत्म हो जाएगी, लेकिन फिलहाल कोई तत्काल समाधान नजर नहीं आ रहा है। ईरान अपने विरोधियों की अपेक्षा कहीं ज्यादा मजबूत साबित हो रहा है और अमेरिकियों के पास कोई ठोस बातचीत रणनीति नहीं है। उन्होंने जर्मनी पर पड़ रहे प्रभाव का भी जिक्र किया और कहा कि इस युद्ध का हमारे आर्थिक प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ रहा है। इसलिए इसे जल्द से जल्द समाप्त किया जाना चाहिए।
बता दें कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारी पिछले सप्ताह शांति वार्ता के दूसरे दौर के लिए मिलने में विफल रहे। ट्रंप ने शनिवार को अपने दूतों की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी और कहा कि ईरान ने बहुत कुछ पेशकश किया, लेकिन पर्याप्त नहीं। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री ने इस्लामाबाद की दो अलग-अलग यात्राएं कीं और पाकिस्तानी मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका को नया प्रस्ताव सौंपा। वर्तमान में दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
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