Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिका द्वारा $166 बिलियन टैरिफ रिफंड प्रक्रिया शुरू करने के बाद भारतीय टेक्सटाइल और सीफूड कंपनियों के शेयरों में 2% से 5% तक की तेजी देखने को मिली। अवंती फीड्स (Avanti Feeds), गोकलदास एक्सपोर्ट (Gokaldas Exports) और वेल्सपन लिविंग (Welspun Living) जैसे स्टॉक्स में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
US $166-bn Reciprocal Tariffs Refund: ग्लोबल मार्केट से एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। अमेरिका में टैरिफ (आयात शुल्क) से जुड़ा बड़ा फैसला आने के बाद अवंती फूड्स (Avanti Feeds), गोकलदास एक्सपोर्ट (Gokaldas Exports) समेत कई कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। यही वजह है कि 21 अप्रैल को टेक्सटाइल और सीफूड सेक्टर के शेयरों में 2% से 5% तक की बढ़त दर्ज की गई। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
अवंती फीड्स (Avanti Feeds) और एपेक्स फ्रोजेन फूड्स (Apex Frozen Foods) करीब 2% चढ़ गए। वहीं, गोकलदास एक्सपोर्ट (Gokaldas Exports) के शेयरों में 5.5% तक की उछाल देखने को मिली। इसके अलावा वेल्सपन लिविंग (Welspun Living) करीब 4% ऊपर तक चढ़ गया। यह तेजी सीधे तौर पर अमेरिका के एक बड़े फैसले से जुड़ी है।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिका की उच्चतम अदालत US सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा लगाए गए कुछ टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया है। अदालत ने कहा कि ये टैरिफ बिना उचित अधिकार के लगाए गए थे।
$166 बिलियन का बड़ा रिफंड
अब अमेरिकी सरकार उन कंपनियों को करीब 166 बिलियन डॉलर (₹13 लाख करोड़+) का रिफंड दे रही है, जिन्होंने ये टैरिफ चुकाए थे। खास बात यह है कि यह पैसा सीधे कंपनियों को मिलेगा। कंपनियों को ग्राहकों के साथ शेयर करना जरूरी नहीं है।
कैसे मिलेगा पैसा?
अमेरिकी कस्टम विभाग US कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोडक्शन (Customs and Border Protection) ने एक नया पोर्टल लॉन्च किया है, जहां कंपनियां रिफंड के लिए आवेदन कर सकती हैं। इसका आवेदन 21 अप्रैल 2026 से शुरू हो गया है। इसके रिफंड मिलने का समय 60 से 90 दिन (या उससे ज्यादा) है।
भारतीय कंपनियों को क्यों फायदा?
टेक्सटाइल और सीफूड सेक्टर में भारत की कई कंपनियां अमेरिका को एक्सपोर्ट करती हैं, जब इन कंपनियों को टैरिफ का पैसा वापस मिलेगा, तो उनकी लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ेगा। इसके साथ ही निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा। यही वजह है कि इसके शेयरों में तेजी देखने को मिली।
धीरे-धीरे पहुंचेगा फायदा
हालांकि यह पैसा तुरंत बाजार में असर नहीं दिखाएगा। ये रिफंड कई स्टेप में होगा और तकनीकी प्रक्रिया में समय लग सकता है। कंपनियां धीरे-धीरे इसका फायदा ग्राहकों तक पहुंचा सकती हैं।
आगे क्या रहेगा ट्रेंड?
विशेषज्ञों के अनुसार एक्सपोर्ट आधारित कंपनियों के लिए यह बड़ा पॉजिटिव ट्रिगर है। टेक्सटाइल और सीफूड सेक्टर में आगे भी तेजी बनी रह सकती है, लेकिन ग्लोबल पॉलिसी और ट्रेड नियमों पर नजर रखना जरूरी होगा।
अमेरिका के इस फैसले ने साफ कर दिया है कि ग्लोबल पॉलिसी बदलाव का असर सीधे भारतीय शेयर बाजार पर पड़ता है। $166 बिलियन के इस रिफंड से भारतीय कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है और आने वाले समय में यह सेक्टर निवेशकों के लिए आकर्षक बना रह सकता है।
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