गुरुग्राम सेक्टर 6 में सोमवार, 7 सितंबर 2026 की शाम अपने घर के बाहर तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से दो वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना रात करीब 9:02 बजे हुई, जिसकी भयावह पूरी घटना CCTV फुटेज में कैद हो गई।
## हादसा कैसे हुआ
गुरुग्राम पुलिस के अनुसार, दो वर्षीय बच्ची अद्रिजा अपनी बड़ी बहन ध्विजा के साथ घर के बाहर खेल रही थी। तभी तेज रफ्तार से आ रही एक कार ने तीखा दायां मोड़ लिया और अद्रिजा को कुचल दिया। घटना के समय उनकी मां पास में ही किसी से बात कर रही थीं। ध्विजा समय रहते वहां से हटने में सफल रही।
परिजन तुरंत अद्रिजा को पालम विहार के एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद उसकी मां ने बच्ची को उठाने की कोशिश की, लेकिन अद्रिजा को होश नहीं आया।
## पिता का बयान और स्थानीय चिंताएं
बच्ची के पिता वीरेंद्र तिवारी ने बताया कि चालक करीब पांच मिनट पहले भी उसी स्थान से गुजरा था। उस समय उन्होंने देखा था कि उनकी पत्नी दोनों बेटियों को सुरक्षित स्थान पर खींच ले गई थीं। बच्चों के उस मोड़ पर खेलने की जानकारी होने के बावजूद चालक कुछ ही देर बाद वापस आया और फिर तेज रफ्तार से वाहन चलाया। तिवारी ने कहा कि चालक को सावधानी बरतनी चाहिए थी।
तिवारी ने कहा: “वह पांच मिनट पहले ही उस स्थान से गुजरा था, जब मेरी पत्नी दोनों बेटियों को खींचकर दूर ले जाने में सफल रही थीं। उसे पता था कि मोड़ पर बच्चे हैं, लेकिन इसके बावजूद दूसरी बार वहां से गुजरते समय वह तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहा था।”
## कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने पुष्टि की है कि कार चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (लापरवाही से मौत का कारण बनना) और 281 (लापरवाही से वाहन चलाना) के तहत FIR दर्ज की गई है। मामला सेक्टर-5 पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।
30 वर्षीय चालक, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत है और उसी इलाके में रहता है, को वाहन समेत हिरासत में लिया गया है। पूछताछ के दौरान चालक ने दावा किया कि इलाके में रोशनी कम होने के कारण उसे बच्चे दिखाई नहीं दिए।
मामले की आगे जांच जारी है।
## संदर्भ और प्रभाव
– परिवार उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से स्थानांतरित होकर आया था और कई वर्षों से गुरुग्राम में रह रहा है।
– हादसे से पहले की घटनाओं और गतिविधियों की समय-सीमा को समझने में CCTV फुटेज महत्वपूर्ण रही।
– स्थानीय निवासियों और बच्ची के पिता ने बताया कि स्थान का तीखा मोड़ और पर्याप्त रोशनी की कमी इस त्रासदी में योगदान देने वाले कारण हो सकते हैं।
## सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं
यह घटना रिहायशी इलाकों में सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी कुछ गंभीर कमियों को उजागर करती है:
– **संकीर्ण सड़कों पर तेज रफ्तार**, खासकर ऐसे मोड़ों के आसपास जहां दृश्यता सीमित होती है।
– **मोड़ों और छोटी सड़कों पर अपर्याप्त रोशनी।**
– **उन इलाकों में चेतावनी संकेतों या यातायात धीमा करने वाले उपायों का अभाव**, जहां बच्चे अक्सर खेलते हैं।
## आगे की कार्रवाई
अधिकारियों ने संबंधित वाहन को जब्त कर लिया है और चालक को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे कानूनी कार्रवाई की शुरुआत हो गई है। इस बीच, परिवार ने लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाओं को कम करने के लिए यातायात नियमों के सख्त प्रवर्तन की मांग की है।
इस भयावह घटना के बाद भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए बेहतर रोशनी, यातायात संकेतों और चेकपॉइंट्स जैसे निवारक उपायों पर चर्चा शुरू हो गई है।
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