Source :- LIVE HINDUSTAN
पाकिस्तान में इमरान को सत्ता से हटाने के लिए साजिश का खुलासा करने वाले लीक डॉक्यूमेंट ने सनसनी फैला दी है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर यह लीक किया किसने है? इसे प्रकाशित करने वाले संस्थान ड्रॉप ने स्पष्ट रूप से कुछ कहने से मना किया है।
पाकिस्तान में इमरान को सत्ता से हटाने के लिए साजिश का खुलासा करने वाले लीक डॉक्यूमेंट ने सनसनी फैला दी है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर यह लीक किया किसने है? इसे प्रकाशित करने वाले संस्थान ड्रॉप ने स्पष्ट रूप से कुछ कहने से मना किया है। हालांकि इशारों-इशारों में पाकिस्तानी सेना की तरफ इशारा किया गया है। अगर पाकिस्तानी सेना की तरफ से इतना गोपनीय दस्तावेज लीक होता है तो वहां एक बड़ा सियासी संकट फिर खड़ा हो सकता है।
क्या है विवाद
इस विवाद उस वक्त फिर से सामने आया जब ड्रॉप वेबसाइट ने एक क्लासीफाइड पाकिस्तान दस्तावेज को प्रकाशित किया। जानकारी के मुताबिक इस दस्तावेज को अमेरिका में पाकिस्तान के तत्कालीन राजदूत ने मार्च 2022 में वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के साथ बैठक के बाद भेजा गया। लीक दस्तावेजों के मुताबिक अमेरिकी राजदूत, डोनाल्ड लू ने इमरान खान की विदेश नीति को लेकर चिंता जताई थी। इसमें खासतौर पर इमरान की मॉस्को यात्रा पर ऐतराज जताया गया था, जो उन्होंने यूक्रेन पर रूस के हमले वाले दिन की थी। गुप्त दस्तावेजों में यह भी कहा गया कि अगर इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें हटा दिया जाता है तो अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्ते सुधर सकते हैं।
किसने लीक किए दस्तावेज
बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर इन क्लासीफाइड डॉक्यूमेंट्स को लीक किसने किया? ड्रॉप साइट का दावा है कि यह प्रधानमंत्री कार्यालय से लीक नहीं हुई है। जबकि पिछले दो साल से इसको लेकर तरह-तरह के अनुमान लगाए जा रहे थे। ड्रॉप का कहना है कि यह डॉक्यूमेंट्स उसके पास पाकिस्तानी सेना से आए हैं। इसके मुताबिक, सिफर को पाकिस्तान तंत्र के कई लोगों तक पहुंचाया गया था, जिसमें सेना के अधिकारी भी शामिल थे। इसकी कॉपियां, साल 2024 के अंत तक सर्कुलेशन में थीं। संस्थान ने दावा किया है कि इसका सोर्स एक ऐसा व्यक्ति है जो देश के नेतृव से भ्रमित है। हालांकि लीक करने वाले के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
अब आगे क्या होगा
इस लीक हुई जानकारी को इमरान खान की पार्टी बड़ा मुद्दा बना सकती है। वह अपने उस दावे को फिर से मजबूती देगी, जिसमें उसने कहा था कि इमरान को हटाने के लिए राजनीतिक साजिश रची गई थी। वहीं, पाकिस्तान का सुरक्षा तंत्र आंतरिक जांच शुरू कर सकता है। इसके जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि आखिर इतने क्लासीफाइड डॉक्यूमेंट्स कोई पहुंचा कैसे? अगर सेना का हाथ सामने आता तो इससे एक नई बहस शुरू हो जाएगी। कुल मिलाकर पाकिस्तान में हालात स्थिर होते नजर नहीं आ रहे।
नए खुलासों से किस बात की चिंता
नए खुलासों पर पाकिस्तानी सियासी जगत में काफी चिंता है। इसकी वजह, इसमें बातें काफी स्पष्ट रूप से कही गई हैं। इन बातों को लेकर इमरान खान और पाकिस्तानी मीडिया ने सार्वजनिक रूप से चर्चा की थी। लीक हुए दस्तावेज के मुताबिक, वरिष्ठ अमेरिकी कूटनीतिज्ञ डोनाल्ड लू ने कथित रूप से पाकिस्तान के राजदूत से कहाकि खान की रूस यात्रा ने वॉशिंगटन और इस्लामाबाद के बीच संबंधों में दरार पैदा कर दी है। इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका ने यूक्रेन पर पाकिस्तान की निष्पक्षता को अस्वीकार्य माना। खासतौर पर ऐसे समय में जब वॉशिंगटन रूस को कूटनीतिक रूप से अलग करने की कोशिश कर रहा था।
इमरान की पार्टी का रुख
इमरान खान और उनकी पार्टी पहले ही इस तरह के आरोप लगा चुकी है। वहीं, इन दस्तावेजों के प्रकाशन के बाद फिर से विवाद शुरू हो चुकी है। पाकिस्तान की पूर्व की गठबंधन सरकार और सेना ने लगातार इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह सभी आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। वहीं, अमेरिका भी लगातार इसे नकारता रहा है कि इमरान सरकार गिराने में उसका कोई हाथ है। लेकिन ताजा लीक ने इस मामले में को एक नई दिशा दे दी है।
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