Home  लाइफस्टाइल समाचार क्या आपकी आंख भी बार-बार फड़कती है? छिपे हो सकते हैं ये...

क्या आपकी आंख भी बार-बार फड़कती है? छिपे हो सकते हैं ये 5 गंभीर कारण, डॉक्टर ने बताया!

5
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

Health Tips: डॉ शालिनी बताती हैं कि बार-बार आंख फड़कना, जिसे मेडिकल भाषा में मायोकिमिया (Myokymia) कहा जाता है, कई बार किसी पोषक तत्व की कमी या किसी हेल्थ इश्यू के बारे में संकेत हो सकता है। इसलिए इसे ज्यादा दिनों तक नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।

अक्सर ऐसा होता है कि आंख फड़कने लगती है। आमतौर पर तो ये नॉर्मल ही है, लेकिन परेशानी वाली बात तब है जब लंबे समय से ये समस्या बनी हुई हो। बहुत से लोग इसे शुभ-अशुभ से जोड़कर देखते हैं और अमूमन नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि मेडिकल साइंस के मुताबिक इसके पीछे आपके शरीर से जुड़े संकेत भी छिपे हो सकते हैं। इस बारे में एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए डॉ शालिनी बताती हैं कि बार-बार आंख फड़कना, जिसे मेडिकल भाषा में मायोकिमिया (Myokymia) कहा जाता है, कई बार किसी पोषक तत्व की कमी या किसी हेल्थ इश्यू के बारे में संकेत हो सकता है। इसलिए इसे ज्यादा दिनों तक नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। अगर आपके साथ भी आई ट्विचिंग की समस्या बनी हुई है, तो ये 5 कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, जिनपर आपको ध्यान देने की जरूरत है।

विटामिन की कमी है बड़ा कारण

बार-बार आंख फड़कने के पीछे का एक बड़ा कारण है कुछ विटामिन्स और मिनरल्स की कमी। डॉ शालिनी बताती हैं कि आमतौर पर मैग्नीशियम, कैल्शियम, विटामिन बी 12 और विटामिन डी की कमी की वजह से नर्व-मसल कॉर्डिनेशन खराब हो जाता है, जिस वजह से बार-बार आंख फड़कने की समस्या हो सकती है।

ज्यादा चाय या कॉफी पीना भी हो सकती है वजह

अगर आप दिन में ज्यादा चाय और कॉफी पी रहे हैं, तो ये भी ज्यादा आंख फड़कने का एक कारण हो सकता है। डॉक्टर बताती हैं कि कैफीन के अत्यधिक सेवन से आंखों की नर्व ओवरस्टीमूलेट हो जाती है, जिससे हल्की कंपन महसूस होने लगती है।

ज्यादा तनाव/ स्ट्रेस और नींद की कमी

मेंटल स्ट्रेस और नींद की कमी का सीधा असर नर्वस सिस्टम पर पड़ता है। डॉ शालिनी के मुताबिक जब आप लंबे समय तक तनाव में रहते हैं और नींद भी सही से नहीं लेते, तो नर्व्स की excitability यानी संवेदनशीलता बढ़ जाती है। इसी वजह से आंखों की मसल्स में अनचाही और बार-बार होने वाली मूवमेंट शुरू हो जाती है, जिसे हम फड़कना कहते हैं।

ज्यादा स्क्रीन टाइम भी बन सकता है वजह

अगर आपका स्क्रीन टाइम काफी ज्यादा है, तब भी ये समस्या हो सकती है। डॉक्टर के मुताबिक डिजिटल ओवरलोड की वजह से आँखें अक्सर ड्राई हो जाती हैं और मसल्स में स्ट्रेन होने लगता है। इसी वजह से बार-बार आंख फड़कने की समस्या होती है।

कुछ दवा या नसों से जुड़ी समस्याएं

डॉ शालिनी के मुताबिक कुछ मामलों में आंख फड़कने यानी मायोकिमिया के पीछे कुछ दवाओं का असर हो सकता है। इसके अलावा कुछ रेयर नर्व डिजीज यानी नसों से जुड़ी समस्याएं भी एक कारण हो सकती हैं।

कब डॉक्टर को दिखाने की जरूरत पड़ती है?

आमतौर पर ये सामान्य शारीरिक प्रतिक्रिया है, जो ज्यादातर मामलों में बड़ी बीमारी का संकेत नहीं होती। हालांकि अगर ये समस्या 2-3 हफ्तों से ज्यादा बनी हुई है या फिर चेहरे के दूसरे हिस्सों तक भी फैल गई है, तो आपको एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN