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ईरान ने होर्मुज में पलट दिया गेम, अमेरिकी नाकाबंदी के बीच वसूला टोल; अब क्या करेंगे ट्रंप?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिका की नाकाबंदी के बावजूद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर लगाए गए टोल टैक्स से प्राप्त पहला राजस्व जमा कर लिया है। ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ के डिप्टी हामिदरेज हाजीबाबेई ने बताया कि होर्मुज पार करने वाले जहाजों से पहला टोल टैक्स प्राप्त हो गया है

अमेरिका की नाकाबंदी के बावजूद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर लगाए गए टोल टैक्स से प्राप्त पहला राजस्व जमा कर लिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की। ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ के डिप्टी हामिदरेज़ हाजीबाबेई ने बताया कि होर्मुज पार करने वाले जहाजों से पहला टोल टैक्स प्राप्त हो गया है। गौरतलब है कि विश्व के तेल और गैस व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले के बाद से ही इस समुद्री मार्ग को लेकर तनाव बना हुआ है, और इसको लेकर ईरान और अमेरिका आमने-सामने हैं।

बता दें कि प्रस्तावित शांति वार्ता अभी अधर में लटकी हुई है। इस वजह से वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें ऊंची स्तर पर खुलीं, ईंधन खपत वाली एयरलाइंस ने कई उड़ानें रद्द कर दीं और यूरोजोन की व्यावसायिक गतिविधि 16 महीनों में पहली बार घट गई। एसएंडपी ग्लोबल पीएमआई सूचकांक ने इसकी पुष्टि की है। दूसरी ओर ईरान ने साफ कहा है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखेगा, तब तक होर्मुज केवल चुनिंदा स्वीकृत जहाजों के लिए ही खुला रहेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मांग को ठुकराते हुए ईरान ने कहा कि वह न तो धमकियों के आगे झुकेगा और न ही अपना समृद्ध यूरेनियम सौंपेगा।

क्या है ईरान की रणनीति?

वहीं, इसको विश्लेषकों का मानना है कि तेहरान, खासकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) से जुड़े कट्टरपंथी नेता मानते हैं कि नाकाबंदी ईरान को पर्याप्त आर्थिक दबाव बनाने का मौका दे रही है। इससे अंततः अमेरिका को अपनी मांगों से पीछे हटना पड़ेगा। तेल-अवीव इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज के डैनी सिट्रिनोविच ने सोशल मीडिया पर लिखा कि तेहरान ने हमेशा राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए आर्थिक कठिनाइयों को सहन करने की इच्छाशक्ति दिखाई है। इस बार स्थिति अलग होगी, ऐसा सोचने का कोई ठोस आधार नहीं है। ईरान रियायत देने के बजाय तनाव बढ़ाने की स्थिति में है।

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बताया कि उन्होंने दो हाजों को होर्मुज से ईरानी तट की ओर मुड़ने के लिए मजबूर किया। इनमें पनामा ध्वज वाला कंटेनर जहाज एमएससी फ्रांसेस्का और लाइबेरिया ध्वज वाला एपामिनोंडास शामिल हैं। ब्रिटेन स्थित समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने भी होर्मुज में गनबोटों से जुड़ी घटनाओं की पुष्टि की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि नाकाबंदी के दौरान उसने अब तक 31 जहाजों को वापस मुड़ने का आदेश दिया है।

ट्रंप ने पाकिस्तान में वार्ता बुलाई

दो सप्ताह पहले घोषित युद्धविराम के बावजूद क्षेत्र में तनाव कम नहीं हुआ है। दोनों पक्ष आर्थिक लाभ हासिल करने की कोशिश में जुटे हैं। ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तानी मध्यस्थता में अनिश्चितकालीन युद्धविराम की घोषणा की है। ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ, जिन्होंने वार्ता के पहले दौर का नेतृत्व किया था, ने कहा कि पूर्ण युद्धविराम का कोई मतलब नहीं है जब तक नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहे। खुले उल्लंघन के बीच होर्मुज को फिर से खोलना असंभव है।

लेबनान-इजराइल मोर्चे पर तनाव

ईरान के साथ युद्धविराम के बाद अमेरिका ने इजरायल और लेबनान (हिजबुल्लाह सहित) के बीच युद्धविराम कराने में मदद की थी। लेकिन लेबनानी मीडिया के अनुसार, बुधवार को इजरायली हमलों में पांच और लोग मारे गए। अल-अखबार की पत्रकार अमल खलील हमले में मारी गईं, जबकि उनकी सहयोगी जैनब फराज घायल हो गईं। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इसे ‘युद्ध अपराध’ बताया और कहा कि इजरायल पत्रकारों को जानबूझकर निशाना बनाता है। इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने हिजबुल्लाह के सैन्य ढांचे से निकले वाहनों पर हमला किया।

बता दें कि दोनों देश आज (गुरुवार) वाशिंगटन में वार्ता का दूसरा दौर आयोजित करने वाले हैं। लेबनान एक महीने के लिए युद्धविराम बढ़ाने की मांग करेगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN