Source :- LIVE HINDUSTAN
ईरान के निर्वासित युवराज रेजा पहलवी पर गुरुवार को जर्मनी की राजधानी बर्लिन में हमला किया गया। एक व्यक्ति ने इमारत से बाहर निकलते समय उनके ऊपर लाल रंग का तरल पदार्थ फेंक दिया। ईरानी सरकारी मीडिया ने इस घटना का वीडियो जारी किया है, जिसमें हमलावर द्वारा टमाटर केचप फेंकते हुए दिखाया गया है।
ईरान के निर्वासित युवराज रेजा पहलवी पर गुरुवार को जर्मनी की राजधानी बर्लिन में हमला किया गया। एक व्यक्ति ने इमारत से बाहर निकलते समय उनके ऊपर लाल रंग का तरल पदार्थ फेंक दिया। ईरानी सरकारी मीडिया ने इस घटना का वीडियो जारी किया है, जिसमें हमलावर द्वारा टमाटर केचप फेंकते हुए दिखाया गया है। आईआरएनए द्वारा शेयर किए गए 47 सेकंड के वीडियो में देखा जा सकता है कि पहलवी बर्लिन की एक इमारत से बाहर आ रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने उन पर हमला कर उनकी पीठ पर लाल तरल पदार्थ फेंक दिया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हमलावर को दबोच लिया और रेजा पहलवी को सुरक्षित तरीके से वहां खड़ी कार तक पहुंचाया। कार के आगे ईरानी झंडे लहराते दिख रहे थे और समर्थक मौजूद थे।
पहलवी ने जर्मनी से तेहरान के साथ वार्ता छोड़ने की अपील की
बता दें कि इस हमले से पहले पहलवी ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से ईरान (तेहरान) के साथ चल रही वार्ता छोड़ने की मांग की। पॉलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने बर्लिन में पत्रकारों से कहा कि अगर आपकी सरकारें केवल यथास्थिति बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करती रहीं, तो न तो आप हमें आत्म-मुक्ति दिला पाएंगी और न ही भविष्य की चुनौतियों का समाधान कर पाएंगी। लोकतांत्रिक सरकारों को गुंडों और आतंकवादियों के इशारों पर नहीं चलना चाहिए। पहलवी ने यूरोपीय संघ के नेताओं से तेहरान पर अधिक दबाव बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यूरोप बहुत कुछ कर सकता था, लेकिन उसने नहीं किया। फांसी की सजाओं को रोकने, राजनीतिक कैदियों को रिहा कराने के लिए शासन पर कोई दबाव नहीं डाला गया।
बर्लिन क्यों गए थे पहलवी
बता दें कि जर्मनी पहुंचने से एक दिन पहले बुधवार को पहलवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि वे उन ईरानियों की आवाज बनने बर्लिन जा रहे हैं, जो स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत, ईरानी प्रवासी समुदाय के साथ बैठकें और बुंडेस्टैग में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों से मुलाकात करने का कार्यक्रम रखा था। इससे पहले पिछले सप्ताह उन्होंने इटली में सांसदों के एक अंतरदलीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी और मानवाधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता, इंटरनेट पहुंच तथा इस्लामी गणराज्य के अंत की मांगों के समर्थन में इटली और यूरोप की नैतिक जिम्मेदारी पर जोर दिया था।
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