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धुरंधर 2 के सेट पर हुआ कंडोम का इस्तेमाल, एक्शन डायरेक्टर ने बताया कैसे दिखाए खून के छींटे

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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धुरंधर फिल्म के एक्शन डायरेक्टर एजाज ने मूवीज के एक्शन सीन खासकर गोली लगने वाले सीन को लेकर कुछ ऐसी जानकारी दी हैं जिन्हें सुनकर आप हैरान हो जाएंगे।

फिल्मों में आपने खतरनाक स्टंट तो देखे ही हैं। आपने देखा होगा कि जब गोली लगने वाला सीन होता है तो कैसे खून निकलता है और ऐसा लगता है गोली सच में एक्टर को लग गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गोली लगने वाले सीन में कंडोम का इस्तेमाल होता है और ये कैसा होता है, धुरंधर 2 के एक्शन डायरेक्टर एजाज गुलाब ने बताया है।

कैसे होता है कंडोम का इस्तेमाल

एजाज ने डिजिटल कमेंट्री से बात करते हुए कहा कि इन सीन को बुलेट हिट इफेक्ट के जरिए शूट किया जाता है। उन्होंने बताया कि इसमें कपड़ों के नीचे एक छोटा सा सेटअप लगाया जाता है। जब गोली चलती है तो एक रिमोट कंट्रोल या इलेक्ट्रोनिक ट्रिलर के जरिए उस सेटअप पर ब्लास्ट किया जाता है, इससे फिल्म देखने वाले को लगता है कि सामने वाले किरदार को गोली सच में लग गई है।

काफी टेक्नीक होती है यूज

उन्होंने यह भी बताया कि इस इफेक्ट के लिए कंडोम का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अंदर लाल कलर का लिक्विड डाल दिया जाता है। जब रिमोट या इलेक्टोनिक ट्रिगर से पटाखा फटता है तो फिर कंडोप फूट जाता है और उससे खून की छींटे जैसा निकल जाता है।

एक्टर की सेफ्टी का ऐसे रखा जाता है इस्तेमाल

एजाज ने यह भी कहा कि भले ही इन सीन को काफी आसानी से इसे किया जाता है शूट, लेकिन इसमें रिस्क भी होता है तो एक्टर को कोई नुकसान ना हो, इसके लिए सेफ्टी लेयर्स यूज होते हैं। कपड़ों के नीचे पैडिंग की जाती है या फिर मेटल की प्लेट्स होती हैं ताकि जब धमाका हो तो एक्टर की बॉडी को उससे कोई नुकसान ना हो।

टाइमिंग है जरूरी

एजाज ने बताया कि इसमें टाइमिंग काफी महत्वपूर्ण है। एक सेकेंड भी अगर इधर-उधर हुआ तो सब खराब हो जाता है।

कब और क्यों करते हैं बॉडी डबल का इस्तेमाल

उन्होंने कहा कि कई बार एक्टर्स चाहते हैं कि वे खुद सारे स्टंट करें ताकि फैंस भी उनसे इम्प्रेस हुए। लेकिन बतौर एक्शन डायरेक्टर ये हमारा काम है कि हम उनकी सेफ्टी देखें। जब कोई सीन हमें लगता है रिस्की है तो हम उसमें बॉडी डबल का यूज करते हैं।

कैसे होता है उनका यूज

उन्होंने कहा कि कैमरा एंगल, मोशन मैचिंग और शार्प एडिटिंग कट्स के जरिए सीन को ऐसा बनाया जाता है कि लोगों को पता ही नहीं चलता कि कब एक्टर और बॉडी डबल को स्विच किया।

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