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निवेशकों से अपने ही शेयर खरीद रही ये कंपनी, 19% प्रीमियम पर बायबैक का ऐलान

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Source :- LIVE HINDUSTAN

विप्रो लिमिटेड (Wipro Ltd) ने निवेशकों से ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक (Buyback) की घोषणा की है। इतना ही नहीं कंपनी मौजूदा मार्केट प्राइस से लगभग 20% ज्यादा देकर इतने शेयर बॉयबैक करेगी। वहीं, कंपनी ने FY26 की चौथी तिमाही (जनवरी–मार्च) के नतीजे जारी किए हैं। 

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो लिमिटे

(Wipro Ltd) ने निवेशकों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है, जिससे बाजार में हलचल बढ़ गई है। कंपनी ने ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक (Buyback) की घोषणा की है। इसका मतलब है कि विप्रो (Wipro) अपने ही शेयर निवेशकों से वापस खरीदेगी, वह भी मौजूदा बाजार भाव से ज्यादा कीमत पर बॉय करेगी। कंपनी ने FY26 की चौथी तिमाही (जनवरी–मार्च) के नतीजे जारी किए हैं, जिसके मुताबिक कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट करीब 2% घटकर ₹3,502 करोड़ हो गया, जबकि ऑपरेशंस से होने वाली आय (Revenue) 8% बढ़कर ₹24,236 करोड़ पहुंच गई।

कंपनी ने बताया कि वह करीब 60 करोड़ शेयर वापस खरीदेगी, जो उसकी कुल इक्विटी का लगभग 5.7% है। सबसे खास बात यह है कि बायबैक की कीमत ₹250 प्रति शेयर तय की गई है, जो मौजूदा बाजार कीमत से करीब 19% ज्यादा (प्रीमियम) है। ऐसे में जिन निवेशकों के पास कंपनी के शेयर हैं, उनके लिए मुनाफा कमाने का यह एक अच्छा मौका हो सकता है।

यह बायबैक टेंडर ऑफर के जरिए किया जाएगा। आसान भाषा में समझें तो कंपनी अपने मौजूदा शेयरहोल्डर्स को एक तय कीमत पर शेयर बेचने का ऑफर देती है। निवेशक चाहें तो इस ऑफर को स्वीकार कर सकते हैं और अपने शेयर कंपनी को बेच सकते हैं। खास बात यह भी है कि कंपनी के प्रमोटर ग्रुप ने भी इस बायबैक में हिस्सा लेने का संकेत दिया है। फिलहाल कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी करीब 72.6% है।

करीब तीन साल बाद विप्रो (Wipro) ने बायबैक का ऐलान किया है। इससे पहले कंपनी ने 2023 में ₹12,000 करोड़ का बायबैक किया था। हालांकि, इस बार की कीमत पहले की तुलना में कम है, लेकिन मौजूदा बाजार भाव के हिसाब से यह आकर्षक प्रीमियम ऑफर माना जा रहा है।

कंपनी ने जारी किया चौथी तिमाही का नतीजे

विप्रो लिमिटेड (Wipro Ltd) ने FY26 की चौथी तिमाही (जनवरी–मार्च) के नतीजे जारी किए हैं, जिनमें मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला है। एक तरफ कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा है, वहीं मुनाफे में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, जो निवेशकों के लिए सोचने वाली बात है। तिमाही के दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट करीब 2% घटकर ₹3,502 करोड़ रह गया, जबकि ऑपरेशंस से होने वाली आय (Revenue) 8% बढ़कर ₹24,236 करोड़ पहुंच गई। इसके पीछे लागत बढ़ना और कमजोर डिमांड जैसे कारण माने जा रहे हैं।

अगर कंपनी के मुख्य आईटी सर्विस बिजनेस की बात करें, तो यहां ग्रोथ काफी सुस्त रही। इस सेगमेंट से रेवेन्यू $2.65 बिलियन रहा, जो क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर सिर्फ 0.6% और सालाना आधार पर 2.1% ही बढ़ा। कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर तो ग्रोथ लगभग फ्लैट ही रही, जो यह संकेत देता है कि ग्लोबल मार्केट में आईटी सेवाओं की मांग अभी मजबूत नहीं है।

शेयर परफॉर्मेंस की बात करें तो विप्रो (Wipro) के शेयर में हाल ही में थोड़ी तेजी जरूर देखने को मिली है और यह ₹210 के आसपास बंद हुआ। पिछले एक हफ्ते में इसमें करीब 4% और एक महीने में लगभग 8% की बढ़त आई है। हालांकि, पूरे साल 2026 की बात करें तो शेयर अब भी 20% से ज्यादा गिरा हुआ है। इसके पीछे AI से जुड़ी चिंताएं और ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल तनाव (जैसे ईरान-अमेरिका विवाद) को बड़ी वजह माना जा रहा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN