Source :- LIVE HINDUSTAN
हर साल 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती मनाई जाती है। इस खास मौके पर डॉ. भीमराव अंबेडकर के समानता और न्याय के विचारों को याद किया जाता हैं। इस खास दिन पर अपनों को कुछ बेहतरीन शुभकामना संदेश भेजें।
हर साल 14 अप्रैल को भारत के साथ ही पूरे विश्व में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई जा रही है। इस साल 135वीं जयंती मनाई जा रही है। एक दलित परिवार में जन्म लेने के कारण उन्होंने बचपन से ही भारी भेदभाव और छुआछूत का सामना किया। इसी संघर्ष ने उन्हें सामाजिक समानता के लिए लड़ने के लिए प्रेरित किया। भीमराव अंबेडकर को ‘भारतीय संविधान का जनक’ भी कहा जाता है। इस मौके पर एक दूसरे को शभकामना संदेश भेजने के लिए यहां से चुनें बेस्ट मैसेज।
1)जिसकी कलम से लिखा गया देश का विधान है,
वो बाबासाहेब अंबेडकर हम सबकी शान हैं।
2) न किसी के आगे झुकते हैं,
न किसी के आगे रुकते हैं,
हम अंबेडकरवादी हैं, जो हक के लिए लड़ते हैं।
3) महलों की हमें जरूरत नहीं,
हमारे लिए बाबासाहेब का संविधान ही स्वर्ग है।
जय भीम!
4) फूलों की कहानी बहारों ने लिखी,
रातों की कहानी सितारों ने लिखी,
हम नहीं हैं किसी के गुलाम,
क्योंकि हमारी कहानी बाबासाहेब ने लिखी।
5) ज्ञान की ज्योति जलाकर समाज को नई दिशा दिखाने वाले महामानव को नमन।
अंबेडकर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं
6) सिर ऊंचा उठाकर जीना सिखाया मेरे बाबासाहेब ने,
मानवता का असली पाठ पढ़ाया मेरे बाबासाहेब ने। जय भीम!
7) जिनके प्रयासों से हमें समानता का अधिकार मिला,
उन संविधान निर्माता को कोटि-कोटि प्रणाम।
8) नींद अपनी खोकर जगाया हमको,
आंसू अपने गिराकर हंसाया हमको।
कभी मत भूलना उस महान इंसान को,
जमाना कहता है ‘बाबासाहेब’ जिनको।
9) लोग कहते हैं कि वह दलितों का मसीहा था,
पर हकीकत में वह पूरे भारत का गौरव था।
10) दिल में बाबासाहेब,
आंखों में संविधान,
यही है एक सच्चे भारतीय की पहचान।
11) अंबेडकर वो सूरज हैं जिसकी रोशनी कभी कम नहीं होती,
उनके विचारों की गूँज कभी खत्म नहीं होती।
12) ऊंच-नीच का भेद मिटाया,
सबको एक समान बनाया,
भीमराव ने ही हमें इंसानियत का धर्म सिखाया।
13) बाबासाहेब के विचारों को अपनाएं,
एक नए और सशक्त भारत का सपना साकार करें।
अंबेडकर जयंती की बधाई!
14) गूंज रहा है दुनिया में ‘जय भीम’ का नारा,
बाबासाहेब ने ही चमकाया भारत का सितारा।
15) देश के लिए जिसने अपना सुख त्यागा,
वो भीमराव था जिसने सोया हुआ भारत जगाया।
16) फूलों की कहानी बहारों ने लिखी,
रातों की कहानी सितारों ने लिखी,
हम नहीं हैं किसी के गुलाम,
क्योंकि हमारी कहानी बाबासाहेब ने लिखी!
17) सिर ऊंचा उठाकर जीना सिखाया मेरे बाबासाहेब ने,
शिक्षा का असली मतलब बताया मेरे बाबासाहेब ने,
जुल्म के खिलाफ लड़ना सिखाया मेरे बाबासाहेब ने,
आज जो कुछ भी हूं, वो बनाया मेरे बाबासाहेब ने।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN


