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यूपी-बिहार की ये 5 जगह बदलते मौसम का मजा लेने के लिए हैं बेहतरीन, जानिए इन ठिकानों की खासियत

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Source :- LIVE HINDUSTAN

पहाड़ी से लेकर एतिहासिक जगहों तक, भारत में घूमने फिरने की ढेरों जगह है। इस आर्टिकल में यूपी-बिहार की उन जगहों के बारे में बता रहे हैं जो बदलते मौसम में घूमने फिरने के लिए बेस्ट मानी जाती हैं।

यूपी-बिहार, दोनों ही राज्य अपनी ऐतिहासिक विरासत, आध्यात्मिक शांति और सांस्कृतिक विविधता के लिए मशहूर हैं। जहां बिहार को ‘ज्ञान की भूमि’ कहा जाता है तो वहीं उत्तरप्रदेश को रामायण और महाभारत की भूमि कहते हैं। इन दोनों राज्यों में घूमने फिरने की ढेरों जगह हैं। कुछ जगह तो ऐसी हैं जो नेपाल के बॉर्डर पर है। ऐसे में यहां यूपी-बिहार की उन जगहों के बारे में बता रहे हैं जो बदलते मौसम का मजा लेने के लिए बेहतरीन मानी जाती हैं।

1.राजगीर (बिहार) – पहाड़, शांति और इतिहास का संगम

अगर मौसम गुलाबी ठंड का हो या सावन की फुहारें गिर रही हों, तो राजगीर से बेहतर कुछ नहीं। पांच पहाड़ियों से घिरा यह शहर आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाता है।

क्या खास है?

यहां का ‘ग्लास ब्रिज’ (Nature Safari) युवाओं की पहली पसंद है। इसके अलावा, ठंडे मौसम में ब्रह्मकुंड के गर्म पानी में नहाना शरीर और मन दोनों को सुकून देता है। शांति के लिए विश्व शांति स्तूप की चढ़ाई और घोड़ा-कटोरा झील की सैर इस ट्रिप को यादगार बना देती है।

2. दुधवा नेशनल पार्क (उत्तर प्रदेश) – तराई की हरियाली

लखीमपुर खीरी में स्थित दुधवा नेशनल पार्क प्रकृति प्रेमियों के लिए जन्नत है। सर्दियों की सुबह जब कोहरा घास के मैदानों पर तैरता है, तो यहाँ का नजारा जादुई होता है।

क्या खास है?

खुली जीप में जंगल सफारी करते हुए बाघ, बारहसिंगा और हाथियों को देखना रोमांच भर देता है। यहां के थारू हट में रुकना आपको स्थानीय जनजाति की संस्कृति और उनके खान-पान (जैसे देसी मछली और भात) से रूबरू कराता है।

3. कैमूर की पहाड़ियां और तेलहार कुंड (बिहार-यूपी बॉर्डर)

बिहार के भभुआ और यूपी के सोनभद्र के बीच फैली कैमूर की श्रृंखलाएं मानसून के दौरान पूरी तरह से रंगीन होती हैं।

क्या खास है?

तेलहार कुंड और करकट गढ़ जैसे झरने आपको बाहुबली फिल्म के सीन की याद दिला देंगे। ऊंचाई से गिरता सफेद पानी और चारों तरफ घने जंगल-यह जगह उन लोगों के लिए बेस्ट है जो एडवेंचर और फोटोग्राफी के शौकीन हैं। यहां का लिट्टी-चोखा वाला पिकनिक अनुभव सबसे अलग होता है।

4. विंध्याचल और चुनार का किला (उत्तर प्रदेश)

वाराणसी के पास स्थित मिर्जापुर और चुनार का इलाका धर्म और इतिहास का एक अनोखा मेल है। बदलते मौसम में गंगा किनारे इन पहाड़ियों की सैर मन को शांत कर देती है।

क्या खास है?

चुनार का किला, जहां से गंगा का विहंगम नजारा दिखता है। बारिश के मौसम में यहां की विंध्य पहाड़ियां पूरी तरह हरी हो जाती हैं। यहां के ‘लखनिया दरी’ झरने का पानी जब पत्थरों से टकराता है, तो वह संगीत जैसा महसूस होता है।

5. वाल्मीकि नगर (बिहार) – गंडक का किनारा

नेपाल की सीमा पर बसा बिहार का इकलौता टाइगर रिजर्व ‘वाल्मीकि नगर’ सुकून की तलाश करने वालों के लिए बेस्ट है।

क्या खास है?

गंडक नदी की लहरें और सामने दिखती हिमालय की पहाड़ियां एक अद्भुत तालमेल बिठाती हैं। यहां ‘ईको-टूरिज्म’ को बढ़ावा दिया जा रहा है। नदी किनारे शाम की चाय और जंगल के बीच लकड़ी के बने कॉटेज में रात बिताना किसी लग्जरी रिजॉर्ट से कम नहीं है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN