Home व्यापार समाचार 2300 रुपये से अधिक सस्ती हुई चांदी, आज सोने के भाव में...

2300 रुपये से अधिक सस्ती हुई चांदी, आज सोने के भाव में 600 रुपये से अधिक की गिरावट

30
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

Gold Silver Rates Today: कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई, पश्चिम एशिया में तनाव और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने सोने-चांदी की चमक फीकी कर दी है। आज दोनों मेटल्स की कीमतें गिरी हैं।

Gold Silver Rates Today: भारतीय बाजार में शुक्रवार, 24 अप्रैल को सोने-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले सत्र के मुकाबले चांदी 1 फीसदी से अधिक लुढ़क गई। इस गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेज उछाल, बढ़ते बॉन्ड यील्ड और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर को माना जा रहा है।

एमसीएक्स पर चांदी और सोने के भाव

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी 1 फीसदी यानी 2,300 रुपये से अधिक टूटकर 2,39,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। वहीं, सोने की कीमत 0.4 फीसदी यानी 600 रुपये से अधिक गिरकर 2,41,513 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई।

इंटरनेशनल मार्केट में क्या है गोल्ड-सिलवर के रेट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुबह स्पॉट सिल्वर 0.3% फिसलकर 75.22 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। स्पॉट गोल्ड 0.1% लुढ़ककर 4,686.29 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। बता दें सोना इस हफ्ते अब तक 3% टूट चुका है, जिससे उसकी चार हफ्तों की लगातार बढ़त टूट गई है। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.5% गिरकर 4,702 डॉलर पर रहे।

सोने-चांदी के भाव में गिरावट के कारण

तेल की कीमतों में उछाल का कहर: ब्रेंट क्रूड की कीमतों में इस हफ्ते 17% से अधिक का उछाल आया है और यह 105 डॉलर प्रति बैरल के पार जा पहुंची है। खास बात यह है कि ईरान युद्धविराम बढ़ाए जाने के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट अभी भी बड़े पैमाने पर बंद है। यह पूरी दुनिया में तेल सप्लाई का अहम रास्ता है।

तेल की बढ़ती कीमतों से ट्रांसपोर्ट और प्रोडक्शन लागत बढ़ जाती है, जिससे महंगाई को बल मिलता है। इससे यह उम्मीद और मजबूत होती है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं और यही बात सोने-चांदी जैसी नॉन-यील्डिंग (बिना ब्याज वाली) धातुओं पर भारी पड़ती है।

डॉलर और बॉन्ड यील्ड का दबाव: अमेरिकी डॉलर इस हफ्ते 0.7% मजबूत हुआ है, जिससे अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना-चांदी महंगी हो गई है। वहीं, अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 2% से अधिक बढ़ गई है, जिससे नॉन-यील्डिंग धातुओं को होल्ड करने का अवसर लागत बढ़ गई है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक भू-राजनीतिक स्थिति स्पष्ट नहीं होती और तेल की कीमतों का दबाव बना रहता है, तब तक चांदी और सोने में अस्थिरता बनी रह सकती है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेश के नजरिए से कीमती धातुएं अब भी सुरक्षित दांव मानी जाती हैं। फिलहाल, छोटी अवधि के व्यापारियों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN