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1 मई को शुक्रवार लेकिन शेयर बाजार में नहीं होगी ट्रेडिंग, वजह क्या है?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

1 मई को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर भारतीय शेयर बाजार बंद रहने वाला है।  इस दिन इक्विटी, डेरिवेटिव्स और SLB सेगमेंट में भी ट्रेडिंग गतिविधियां बंद रहेंगी। ऐसे में निवेशकों को सिर्फ 4 दिन ट्रेडिंग के लिए मिलेंगे।

Stock market holiday: अगर शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं तो अगले हफ्ते आपको इसके लिए सिर्फ 4 कारोबारी दिन- सोमवार, मंगलवार, बुधवार और गुरुवार मिलेंगे। दरअसल, अगले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार 1 मई को भारतीय शेयर बाजार में ट्रेडिंग नहीं होगी।

बता दें कि 1 मई को महाराष्ट्र दिवस होता है और इस मौके पर भारतीय शेयर बाजार हर साल बंद रहते हैं। कहने का मतलब है कि इस साल भी 1 मई को शेयर बाजार के दोनों स्टॉक एक्सचेंज – BSE और NSE – ट्रेडिंग के लिए बंद रहेंगे। इस दिन इक्विटी, डेरिवेटिव्स और SLB सेगमेंट में भी ट्रेडिंग गतिविधियां बंद रहेंगी। इसके अलावा, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) सुबह के सत्र (सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक) के दौरान बंद रहेगा लेकिन शाम के सत्र (शाम 5:00 बजे से रात 11:55 बजे तक) में खुला रहेगा।

इसके अलावा कब-कब बंद रहेंगे स्टॉक एक्सचेंज?

28 मई 2026: बकरीद

26 जून 2026: मुहर्रम

14 सितम्बर 2026: गणेश चतुर्थी

2 अक्टूबर 2026: महात्मा गांधी जयंती

20 अक्टूबर 2026: दशहरा

10 नवंबर 2026: दिवाली-बालिप्रतिपदा

24 नवंबर 2026: प्रकाश गुरुपर्व श्री गुरु नानक देव

25 दिसंबर 2026: क्रिसमस

शेयर बाजार की अगले हफ्ते कैसी होगी चाल

पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति, कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे और कच्चे तेल की कीमतें आने वाले सप्ताह में शेयर बाजार की दिशा तय करेंगी। विश्लेषकों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। बता दें कि पिछले सप्ताह सेंसेक्स 1,829.33 अंक (2.33 प्रतिशत) गिरा और निफ्टी 455.6 अंक (1.87 प्रतिशत) नीचे आ गया।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा- आगे बाजार काफी हद तक खबरों पर आधारित और उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है। निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता, कच्चे तेल की कीमतों के रुझान और वैश्विक संकेतकों पर रहेगी। यदि तेल की कीमतों में स्थिरता या गिरावट आती है तो इससे आर्थिक चिंताओं में कमी आ सकती है जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने या लंबे समय तक व्यवधान रहने से बाजार में फिर से अस्थिरता और मुनाफावसूली देखी जा सकती है।

लाइवलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक हरिप्रसाद के ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव, विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की स्थिति और अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। इससे कच्चे तेल की कीमतों पर सीधा असर पड़ रहा है और ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN