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हर हाथ में हथियार! ट्रंप की धमकी के खिलाफ ईरान की तैयारी, आम नागरिकों को दी बंदूकें

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Source :- LIVE HINDUSTAN

US Iran War Update: डोनाल्ड ट्रंप की धमकी और युद्ध की अनिश्चितता के बीच ईरान अपने नागरिकों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे रहा है। तेहरान में सार्वजनिक तौर पर IRGC के सैनिक महिलाओं और पुरुषों को हथियार चलाने और उन्हें संभालने की ट्रेनिंग दे रहे हैं।

अमेरिका, इजरायल के खिलाफ ईरान लगातार अपनी तैयारियों को पुख्ता करता हुआ नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस्लामिक सरकार ने अब आम नागरिकों के हाथ में भी हथियार देना शुरु कर दिया है। हर हाथ में हथियार के नारे के साथ सरकार छोटे से लेकर बड़े हर व्यक्ति को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे रही है। हाल ही में ईरानी न्यूज टीवी चैनल का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें एंकर एके-47 से यूएई के झंडे के ऊपर गोलियां बरसाता नजर आ रहा था।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान सीजफायर के बाद से ही अमेरिका के खिलाफ युद्ध की तैयारी कर रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में राजधानी तेहरान के अलावा कई शहरों में कथित ‘नाइट गैदरिंग्स’ हजारों लोग जमा होते हैं, यहां पर ‘डेथ टू अमेरिका’ के नारे लगाते हैं और हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी लेते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, युद्ध के शुरू होने के बाद से पूरे ईरान में सार्वजनिक तौर पर बड़ी संख्या में हथियार देखे जाने लगे हैं। ईरानी मीडिया के मुताबिक कई जगहों पर आम नागरिकों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह इस बात का संकेत है कि ईरानी अधिकारी अमेरिका के खिलाफ एक बड़े जमीनी संघर्ष की तैयारी कर रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान के वनक स्क्वायर पर छोटी-छोटी लड़कियों को भी एके-47 चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक एक नकाब पोश प्रशिक्षक एक महिला को बंदूक खोलना और चलाना सिखा रहा था। उसके पास ही एक छोटी लड़की भी खड़ी थी। उसने खाली एके-47 को उठाया और हवा में लहराकर ट्रिगर दबा दिया। इसके बाद उसने बंदूक को वापस उस नकाबपोश सैनिक को लौटा दिया।

सरकारी न्यूज चैनलों में हथियार लिए दिखाई दिए एंकर

ईरानी सरकारी मीडिया का एक वीडियो हाल ही में वायरल हुआ था। इसमें एक एंकर हाथ में एके-47 लिए यूएई के झंड़े पर फायरिंग करता हुआ दिख रहा था। ओफोग नामक इस चैनल पर एंकर होसैन होसेने ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक सैनिक से ट्रेनिंग लेने के बाद लाइव कार्यक्रम में यूएई के झंडे और छत की ओर गोलियां चलाई थीं।

गौरतलब है कि ईरान की इन तैयारियों का सबसे बड़ा कारण अमेरिका के साथ यु्द्ध को लेकर चल रही अनिश्चितता है। सीजफायर के तीन हफ्तों से ज्यादा समय के बाद भी अभी तक दोनों पक्ष किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं। एक तरफ अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है, तो वहीं ईरान भी किसी हालत में झुकने को तैयार नहीं है। दरअसल, पश्चिम एशिया के इस संकट के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण यह है कि अमेरिका और ईरान दोनों ही 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध में खुद को विजेता के तौर पर देख रहे हैं। ईरान ने अपने दशकों पुराने अमेरिकी डर का सामना सफलता पूर्वक कर लिया है। ऐसे में वह किसी भी हालत में झुकने को तैयार नहीं है। दूसरी तरफ ट्रंप प्रशासन के नेतृत्व में अमेरिका है, जो यह सोचकर इस युद्ध में कूदे थे कि कुछ ही दिनों में ईरान की जनता सत्ता को पलट देगी। लेकिन हालात बिलकुल विपरीत हो गए। पहले ही दिन सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद ईरान में अमेरिका क खिलाफ गुस्सा बढ़ने लगा।

होर्मुज पर ईरानी ताले, बढ़ते ईरानी संकट और नाटो सहयोगियों के साथ न आने से ट्रंप युद्ध को बीच में ही रोकने के लिए मजबूर हो गए। इसके लिए उन्होंने पाकिस्तान को बातचीत के लिए चुना। हालांकि अभी तक उस बातचीत का कोई नतीजा निकलकर सामने नहीं आया है। ट्रंप भले ही इस युद्ध को अपनी जीत के तौर पर दिखा रहे हैं, लेकिन सच्चाई तो यह है कि अमेरिका को अभी तक इस युद्ध से जितना हासिल हुआ है उससे ज्यादा उसने गंवाया है। वर्तमान में स्थिति यह है कि इस युद्ध को लेकर अमेरिका का उद्देश्य पूरी तरह से बदलकर होर्मुज को खोलने और इनरिच्ड यूरेनियम को ईरान से निकालने पर टिक गया है। होर्मुज इस युद्ध के पहले भी पूरी तरह से खुला हुआ था, जहां तक इनरिच्ड यूरेनियम को देने की बात है, तो ईरान इसके लिए तैयार नहीं है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN