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सोने के भाव में गिरावट, चांदी भी हुई सस्ती, आने वाले दिनों में क्या बढ़ेंगे रेट

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Gold Silver Price Today: एमसीएक्स गोल्ड का रेट ₹1,53,829 प्रति 10 ग्राम पर था। जबकि, सिल्वर 0.69% टूटकर ₹2,50,801 प्रति किलोग्राम पर आ गई। आने वाले दिनों में कैसे रहेंगे सोने-चांदी के रेट, एक्सपर्ट्स से समझें…

Gold Silver Price Today: एमसीएक्स पर मंगलवार, 21 अप्रैल को सुबह के कारोबार में सोने के दाम लुढ़क गए। इसकी मुख्य वजह मुनाफावसूली और डॉलर में आई तेजी है। वहीं, ईरान-अमेरिका में बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे क्रूड ऑयल की कीमतें अभी युद्ध से पहले की स्थिति से ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। इससे सोने पर दबाव बढ़ रहा है।

सोने और चांदी के ताजा भाव: एमसीएक्स सुबह 9:10 बजे गोल्ड 0.07% की गिरावट के साथ ₹1,53,829 प्रति 10 ग्राम पर था। जबकि, एमसीक्स सिल्वर 0.69% टूटकर ₹2,50,801 प्रति किलोग्राम पर आ गई।

सोना-चांदी के भाव क्यों गिर रहे हैं?

पिछले कुछ दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसकी बड़ी वजह डॉलर में आई मजबूती है, जो क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के कारण हुई है। दरअसल, तेल का कारोबार डॉलर में होता है। जब तेल महंगा होता है, तो डॉलर की मांग बढ़ जाती है, जिससे डॉलर मजबूत होता है और सोने की कीमतों पर दबाव पड़ता है।

ईरान-अमेरिका वार्ता का असर

सोने की कीमतों में अब ठहराव देखा जा रहा है। निवेशक ईरान युद्ध को लेकर संभावित समझौते की संभावनाओं पर नजर लगाए हुए हैं। ब्लूमबर्ग की खबरों के मुताबिक, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अगले दौर की बातचीत के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं। वहीं, ईरान भी अपना प्रतिनिधिमंडल भेजेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दो सप्ताह का युद्धविराम बुधवार शाम वाशिंगटन समय तक समाप्त हो रहा है।

तेल गिरा, बाजार पर भी असर

मंगलवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि अमेरिकी शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई से लुढ़क गए। मध्य पूर्व में जारी युद्ध (अब आठवें सप्ताह में) ने एनर्जी सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया है। इससे महंगाई का दबाव बढ़ा है, जिससे केंद्रीय बैंकों के लिए ब्याज दरें घटाना मुश्किल हो गया है और यह सोने (जिस पर ब्याज नहीं मिलता) के लिए नकारात्मक है। बता दें कि फरवरी के अंत में युद्ध शुरू होने के बाद से सोना लगभग 8% टूट चुका है।

लॉन्ग टर्म में सोना चमकेगा?

एक्सपर्ट्स के अनुसार युद्ध के दौरान सोने की गिरावट इसके मेन फैक्टर्स को नहीं बदलती। यह अस्थिरता कुछ समय रहेगी, लेकिन लंबी अवधि में सोना अपनी बाइंग पावर बनाए रखने का एक बुनियादी आकर्षण बना रहेगा।

फेडरल रिजर्व पर नजर

निवेशक आज बाद में केविन वार्श की सीनेट बैंकिंग कमेटी के सामने पेश होने पर भी नजर रखेंगे। ट्रंप ने उन्हें फेड का प्रमुख बनाने का नाम दिया है। अगर वार्श इस साल आसान मौद्रिक नीति (ब्याज दरों में कटौती) का संकेत देते हैं, तो सोने को सपोर्ट मिलेगा। अगर वे महंगाई को लेकर अधिक सतर्क रहते हैं और ब्याज दरें नहीं घटाते हैं, तो सोने पर नकारात्मक असर होगा।

डिस्क्लेमर: सोने-चांदी की कीमतों में दिनभर उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेश से पहले अपने सलाहकार से जरूर संपर्क करें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN