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लेबनान के साथ युद्धविराम की ख़बरें आने के बाद इसराइल के उत्तरी इलाक़ों में तीन बार सायरन बजे, जो लेबनान से आने वाले रॉकेटों की चेतावनी दे रहे थे.
उत्तरी शहर नाहरिया के ऊपर आसमान में इसराइल के हवाई सुरक्षा इंटरसेप्टर ने उन्हें रोका, जिससे ज़ोरदार धमाके हुए.
एम्बुलेंस कर्मचारियों ने बताया कि संघर्षविराम लागू होने से कुछ घंटे पहले, रॉकेट के टुकड़ों से कम से कम तीन लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर है.
यहाँ ज़मीनी स्तर पर इस बात को लेकर लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि इसराइल के नेता ने इस सीज़फ़ायर समझौते पर हस्ताक्षर क्यों किए.
नाहरिया में रहने वाले एक छात्र गैल ने कहा, “मुझे लगता है कि सरकार ने हमसे झूठ बोला है. उन्होंने वादा किया था कि इस बार इसका अंत अलग तरह से होगा, लेकिन ऐसा लगता है कि हम एक बार फिर ऐसे युद्धविराम समझौते की ओर बढ़ रहे हैं जिससे किसी भी समस्या का कोई समाधान नहीं निकलता.”
32 साल के ट्रक ड्राइवर माओर ने कहा, “हमने लेबनान सरकार को एक मौक़ा दिया था, लेकिन वे समझौते का पालन करने में नाकाम रहे. उन्होंने हिज़्बुल्लाह के हथियार ख़त्म नहीं किए.”
पिछले साल माओर के घर पर एक रॉकेट गिरा था.
उन्होंने कहा, “अगर हम यह काम नहीं करेंगे, तो कोई और नहीं करेगा. यह शर्म की बात है कि उन्होंने इसे रोक दिया.”
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के ज़रिए घोषणा की थी कि लेबनान और इसराइल 10 दिन के युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं.
युद्धविराम की घोषणा वाले अपने पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से बात की.
तकनीकी तौर पर यह संघर्षविराम इसराइल और लेबनान के बीच है, जो हिज़्बुल्लाह का ठिकाना है.
इस समझौते के बाद लेबनान में बड़ी संख्या में विस्थापित लोग अपने घरों की ओर लौट रहे हैं.
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