Home राष्ट्रीय समाचार महिला आरक्षण बिल पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार को चिट्ठी में क्या...

महिला आरक्षण बिल पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार को चिट्ठी में क्या लिखा

19
0

Source :- BBC INDIA

महिलाएं

इमेज स्रोत, Frédéric Soltan/Corbis via Getty Images

भारत के महिला समूहों और सामाजिक संगठनों से जुड़े क़रीब पांच सौ लोगों ने ‘महिला आरक्षण’ और ‘परिसीमन’ से जुड़े प्रस्तावित विधेयकों पर सवाल उठाए हैं.

इन्होंने केंद्र सरकार को लिखे एक पत्र में कहा कि संसद का विशेष सत्र (16-18 अप्रैल 2026) जल्दबाज़ी में बुलाया गया है.

495 लोगों के हस्ताक्षर वाले इस पत्र में लिखा है, “हम इस सत्र पर आपत्ति जताते हैं, क्योंकि कई राज्यों में चुनाव चल रहे हैं और आचार संहिता लागू है. हम यह भी मानते हैं कि सरकार ने महिलाओं के समूहों को अपनी सिफ़ारिशें देने का पर्याप्त समय नहीं दिया.”

हस्ताक्षरकर्ताओं ने केंद्र सरकार से बिलों के ड्राफ़्ट को सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि सलाह-मशविरा हो सके.

पत्र में कहा गया है, “इस सत्र का ध्यान केवल नारी शक्ति वंदन अधिनियम में आवश्यक संशोधनों तक सीमित रखा जाए, तो इससे कुछ सकारात्मक परिणाम हासिल हो सकते हैं. महिला आरक्षण को जनगणना के परिणामों और परिसीमन से दूर रखा जाए.”

इन्होंने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी चिंता जताई है, विशेष रूप से आरक्षित सीटों की पहचान को लेकर.

इस याचिका के प्रमुख हस्ताक्षरकर्ताओं में अमु जोसेफ़, अंजना प्रकाश, कल्पना कनबीरन, रोमिला थापर, नंदिनी सुंदर और योगेंद्र यादव शामिल हैं.

SOURCE : BBC NEWS