Source :- LIVE HINDUSTAN
Petrol Diesel Rates Today 29 April: आज पश्चिम बंगाल में मतदान है और इस बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के रेट जारी कर दी हैं। पश्चिम बंगाल समेत देश के विभिन्न शहरों में क्या हैं तेल के लेटेस्ट रेट…
Petrol Diesel Rates Today 29 April: ऑयल मार्केट से कई बड़ी खबरें हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के OPEC छोड़ने के फैसले ने दशकों पुराने इस तेल गठबंधन को बड़ा झटका दिया है। इसके बावजूद कच्चा तेल 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। अगर भारत की बात करें तो आज पश्चिम बंगाल में मतदान है और इस बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के रेट जारी कर दी हैं। पश्चिम बंगाल समेत देश के किसी राज्य में 29 अप्रैल 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल पश्चिम बंगाल से करीब-करीब 10 रुपये सस्ता है।
पश्चिम बंगाल के शहरों में क्या हैं पेट्रोल के रेट
पश्चिम बंगाल के शहरों की बात करें तो एचपीसीएल के पेट्रोल पंपों पर कूचबिहार में पेट्रोल ₹106.14 प्रति लीटर है। इसके बाद बहरामपुर (₹106.12), कृष्णानगर (₹106.07) और पुरुलिया (₹106.05) जैसे शहर भी ₹106 के आसपास बने हुए हैं। वहीं, कोलकाता, हावड़ा और अलीपुर में पेट्रोल ₹104.99 प्रति लीटर पर स्थिर है।
डीजल में भी यही ट्रेंड: डीजल की कीमतों में भी इसी तरह का ट्रेंड देखने को मिल रहा है। कूचबिहार में डीजल ₹92.87 प्रति लीटर है, जबकि कोलकाता, हावड़ा और अलीपुर में यह ₹91.81 प्रति लीटर पर बना हुआ है। तमलुक में डीजल ₹91.41 के स्तर पर है।
उत्तर प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के रेट
यूपी की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल ₹94.69 और डीजल ₹87.80 प्रति लीटर है। कानपुर में पेट्रोल ₹94.44 और डीजल ₹87.49 है, जबकि वाराणसी में पेट्रोल ₹95.53 और डीजल ₹88.70 तक पहुंच गया है। गोरखपुर में पेट्रोल ₹94.89 और डीजल ₹88.03 है। नोएडा और गाजियाबाद जैसे NCR शहरों में भी कीमतें ₹94.5 से ₹94.8 के बीच बनी हुई हैं।
यूपी में कहां सबसे महंगा और सस्ता पेट्रोल
अगर यूपी के जिलों की तुलना करें तो mypetrolprice.com के मुताबिक रामपुर में पेट्रोल सबसे महंगा ₹97.44 प्रति लीटर दर्ज किया गया है, जबकि मथुरा में यह ₹94.20 के स्तर पर सबसे सस्ता है। इसी तरह डीजल भी रामपुर में ₹84.13 और बाकी जिलों में ₹87-88 के बीच बना हुआ है।
क्यों अलग-अलग हैं कीमतें?
ईंधन की कीमतों में यह अंतर मुख्य रूप से राज्य टैक्स (VAT), डीलर कमीशन और ट्रांसपोर्टेशन लागत की वजह से होता है। हर जगह इन फैक्टर्स का प्रभाव अलग-अलग पड़ता है, जिससे राज्यवार और एक ही राज्य में शहर दर शहर कीमतों में फर्क दिखता है।
आगे क्या होगा?
यूएई का यह फैसला भारत के लिए सस्ते तेल का बड़ा अवसर पैदा कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ने से कीमतों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही। यूएई के इस फैसले को खाड़ी देशों में फूट के तौर पर भी देखा जा रहा है। यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब पश्चिम एशिया में हालात तनावपूर्ण हैं। होर्मुज जलमार्ग के बाधित होने से कच्चे तेल की वैश्विक सप्लाई पर संकट बना हुआ है। यूएई 1967 से ओपेक का सदस्य बना हुआ।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



