Source :- LIVE HINDUSTAN
नेपाल के नवनिर्वाचित और सबसे युवा पीएम बालेन शाह अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा पर भारत आ रहे हैं। उन्होंने पीएम मोदी का निमंत्रण स्वीकार कर दशकों पुरानी कूटनीतिक परंपरा को कायम रखा है।
नेपाल के नवनिर्वाचित और सबसे युवा प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत आने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए आधिकारिक निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही वह नेपाल के नए प्रधानमंत्रियों द्वारा पद संभालने के बाद सबसे पहले भारत का दौरा करने की दशकों पुरानी कूटनीतिक परंपरा को बरकरार रखेंगे। बता दें कि बालेंद्र शाह को नेपाल में बालेन शाह के नाम से जाना जाता है।
भारत यात्रा की तैयारी
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने इस दौरे की पुष्टि करते हुए बताया- नेपाल सरकार ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है, और दोनों देशों के विदेश मंत्रालय अब इस यात्रा की तैयारियों में जुट गए हैं। उन्होंने संकेत दिया कि कार्यभार संभालने के बाद नई दिल्ली का यह दौरा पीएम शाह की पहली प्रमुख कूटनीतिक पहल होगी। गौरतलब है कि इससे पहले किसी नेपाली प्रधानमंत्री की आखिरी आधिकारिक भारत यात्रा जून 2023 में पुष्प कमल दहाल ‘प्रचंड’ द्वारा की गई थी।
परंपरा का पालन
नेपाल और भारत के बीच यह एक पुरानी अघोषित परंपरा रही है कि नेपाल का कोई भी नया प्रधानमंत्री कार्यभार संभालने के बाद अपना पहला आधिकारिक विदेश दौरा नई दिल्ली का ही करता है। बालेन शाह भी इसी राह पर चलते हुए अपनी पहली बड़ी कूटनीतिक शुरुआत भारत से कर रहे हैं। यह दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक, धार्मिक और भौगोलिक संबंधों का प्रतीक है। भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार, ऊर्जा आपूर्तिकर्ता और विकास सहयोगी है।
फोन पर मिला था न्योता
मार्च में जब बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, तब पीएम मोदी ने उन्हें फोन कर बधाई दी थी। इसी दौरान पीएम मोदी ने भारत-नेपाल संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की उम्मीद जताते हुए उन्हें भारत आने का न्योता दिया था।
कौन हैं बालेन शाह?
बालेन शाह नेपाल की राजनीति में एक ‘गेम चेंजर’ माने जाते हैं। मात्र 35 वर्ष की उम्र में बालेन शाह नेपाल के इतिहास के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने हैं। उन्होंने 27 मार्च 2026 को पद की शपथ ली है। राजनीति में आने से पहले वे एक लोकप्रिय रैपर और स्ट्रक्चरल इंजीनियर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग की मास्टर डिग्री भारत के कर्नाटक (बेंगलुरु) से ही पूरी की है।
युवाओं के चहेते
वे 2022 में काठमांडू के मेयर बने थे। नेपाल के युवाओं (Gen Z) ने पारंपरिक नेताओं के खिलाफ जब बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए, तब बालेन शाह युवाओं की आवाज बनकर उभरे। हालिया आम चुनावों में उनकी पार्टी (राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी) ने भारी जीत दर्ज की और नेपाल के दिग्गज नेताओं (जैसे केपी शर्मा ओली) को सत्ता से बाहर कर दिया।
नेपाल के अंदर बालेन शाह के 5 कड़े फैसले (100-सूत्रीय एजेंडा)
भारत यात्रा की तैयारियों के बीच, बालेन शाह ने नेपाल के भीतर भी कुछ बहुत कड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिनकी खूब चर्चा हो रही है। इस ‘एंटी-VIP रिफॉर्म’ में कई सख्त बातें शामिल हैं।-
VIP कल्चर पर रोक: मंत्रियों और नेताओं को मिलने वाली विशेष सुविधाओं और VIP काफिलों के कारण सड़क पर लगने वाले जाम और प्रोटोकॉल पर लगाम लगाई जा रही है।
सरकारी स्कूल में बच्चों को भेजना अनिवार्य: मंत्रियों और सरकारी कर्मचारियों को आदेश दिया गया है कि वे अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में ही पढ़ाएंगे।
कैंपस में ‘नो-पॉलिटिक्स‘: स्कूल और विश्वविद्यालयों में चलने वाले सभी राजनीतिक दलों के छात्र संगठनों को 90 दिन के भीतर खत्म करने का आदेश दिया गया है। स्कूल-कॉलेज अब केवल पढ़ाई के केंद्र होंगे, राजनीति के नहीं।
जीरो पेंडिंग फाइल मिशन: सरकारी दफ्तरों में काम की लेटलतीफी और लालफीताशाही खत्म करने के लिए फाइलों को तुरंत निपटाने का अभियान शुरू किया गया है।
गरीबों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवा: सरकारी खर्च में कटौती के लिए संघीय मंत्रालयों की संख्या घटाकर 17 करने का प्रस्ताव लाया गया है और गरीबों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को पूरी तरह मुफ्त किया जा रहा है।
बालेन शाह की भारत यात्रा नेपाल की नई सरकार के लिए कूटनीतिक रूप से सबसे अहम कदम है। एक तरफ बालेन शाह नेपाल की आंतरिक व्यवस्था में कड़े सुधार लागू कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर भारत के साथ नेपाल के पारंपरिक और मजबूत रिश्तों को सबसे ऊपर रख रहे हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और आपसी सहयोग को नया आकार देगी।
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