Source :- LIVE HINDUSTAN
एयरलाइन कंपनियों को महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर लगने वाले वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) को मौजूदा 18% की दर से घटाकर 7% करने की घोषणा की है।
एयरलाइन कंपनियों को महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर लगने वाले वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) को मौजूदा 18% की दर से घटाकर 7% करने की घोषणा की है। टैक्स में यह कटौती 14 नवंबर तक के लिए की गई है। यह कटौती ऐसे अहम समय पर हुई है, जब पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते जेट फ्यूल की ऊंची कीमतों से भारतीय एयरलाइन कंपनियां जूझ रही हैं। बता दें कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतें भारतीय एयरलाइन कंपनियों के लिए खर्च का एक बड़ा हिस्सा होती हैं। एयरलाइन के कुल खर्च का 35-40% हिस्सा इसी पर खर्च होता है।
राज्यों पर डाला जा रहा दबाव
नागरिक उड्डयन मंत्रालय दिल्ली, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की राज्य सरकारों पर दबाव डाल रहा है। ये वो राज्य हैं जो फ्यूल पर सबसे ज्यादा VAT लगाते हैं। बहरहाल, इस कटौती से एयरलाइन कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि अब उन्हें मुंबई एयरपोर्ट पर ईंधन भरवाने के लिए कम खर्च करना पड़ेगा। मुंबई एयरपोर्ट, दिल्ली के बाद देश का दूसरा सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है और यहां से लगभग 15% हवाई यातायात का संचालन होता है। मुंबई के अलावा, पुणे और नागपुर में भी काफी हवाई यातायात का संचालन होता है।
महाराष्ट्र सरकार के VAT कम करने के फैसले से अब मुंबई, दिल्ली के मुकाबले ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो गया है। आपको बता दें कि दिल्ली में 25% VAT लगता है। 8 मई को खत्म हुए हफ्ते में जेट फ्यूल की औसत वैश्विक कीमतें $162.89 प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जो फरवरी के आखिर में $99.40 थीं। किसी एयरलाइन की कुल ऑपरेटिंग लागत में फ्यूल का हिस्सा 40% तक होता है इसलिए ड्यूटी और टैक्स में कोई भी कमी ऑपरेशन की लागत को कम कर सकती है।
मई में घरेलू कंपनियों ने नहीं बढ़ाए थे दाम
बता दें कि एक मई को इंटरनेशनल एयरलाइन कंपनियों के लिए विमान ईंधन (एटीएफ) के दाम पांच प्रतिशत बढ़ा दिए गए। एटीएफ की कीमतों में लगातार दूसरे महीने वृद्धि की गई क्योंकि तेल कंपनियां अब वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल को सुनियोजित तरीके से ग्राहकों पर डाल रही है। हालांकि, घरेलू विमानन कंपनियों के लिए एटीएफ कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
वहीं, अप्रैल के महीने में घरेलू एयरलाइन कंपनियों के लिए एटीएफ की कीमत में 8,289.04 रुपये प्रति किलोलीटर या 8.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी। एयरलाइन कंपनियों को विमान ईंधन 104,927.18 रुपये प्रति किलोलीटर की कीमत पर मिलेगा। एक महीने पहले यह 96,638.14 रुपये प्रति किलोलीटर थी। यह पहला मौका है जब एटीएफ की कीमत दो लाख रुपये प्रति किलोलीटर के स्तर को पार कर गई है। इससे पहले 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद कीमतें बढ़कर करीब 1.1 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के स्तर पर पहुंची थीं।
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