Home राष्ट्रीय समाचार कभी शांति की बात तो कभी धमकी, पिछले कुछ घंटों में ट्रंप...

कभी शांति की बात तो कभी धमकी, पिछले कुछ घंटों में ट्रंप और ईरान के बयानों से बढ़ा भ्रम

17
0

Source :- BBC INDIA

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ (दाएं) ने डोनाल्ड ट्रंप पर झूठ बोलने का आरोप लगाया

इमेज स्रोत, Getty Images

अमेरिका और ईरान से आ रहे परस्पर विरोधी बयानों को लेकर अगर आप उलझन में हैं, तो सच यही है कि हालात वाकई बेहद उलझे हुए हैं.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कल पत्रकारों से बात करते हुए कई तरह के बयान दिए और बातचीत की प्रगति को लेकर सकारात्मक रवैया अख़्तियार किया.

उन्होंने कहा कि ईरान यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) नहीं करेगा और उसने अपने उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम के भंडार को छोड़ने पर सहमति जताई है.

हालांकि, उनके इन सभी दावों को ईरान की संसद के स्पीकर बग़र ग़ालिबाफ़ ने खारिज कर दिया. उनका कहना था कि ट्रंप ने “एक घंटे में सात दावे किए, और सभी सात गलत थे.”

लेकिन ईरान की तरफ़ से भी तस्वीर पूरी तरह साफ़ नहीं रही है.

विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने पहले यह घोषणा की थी कि होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह खुला है, लेकिन बाद में इसे साफ़ करते हुए ईरान ने कहा कि तेल टैंकरों और जहाज़ों को ईरान के तय और नियंत्रित रास्तों से ही गुजरना होगा.

इसके बाद ईरान की सेना ने, सरकारी मीडिया के हवाले से, कहा है कि वह होर्मुज़ स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण फिर से स्थापित कर रही है.

होर्मुज़ खुला है या बंद?

होर्मुज़ स्ट्रेट

इमेज स्रोत, Getty Images

फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी, जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़ी है, साथ ही ईरानियन स्टूडेंट्स न्यूज़ एजेंसी और सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने आईआरजीसी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि होर्मुज़ को “उसकी पहले वाली स्थिति” में लौटाया जाएगा, जहां सशस्त्र बल इस क्षेत्र को नियंत्रित करेंगे.

इससे पहले कुछ जहाज़ों को इस जलमार्ग से गुजरते हुए देखा गया था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इस अहम समुद्री मार्ग से कितना यातायात वास्तव में हो पाया है.

आईआरजीसी के बयान में अमेरिका पर “समुद्री डकैती” (पायरेसी) का आरोप लगाया गया है और कहा गया है कि उसकी तथाकथित “नौसैनिक नाकेबंदी” दरअसल समुद्री लूट के बराबर है.

ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि अगर अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखता है, तो वह इस स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) को बंद कर सकता है.

दुनिया भर के नेताओं के बयान

तेहरान में सरकार के समर्थन में आयोजित रैली में हिस्सा लेते लोग (तस्वीर: 17 अप्रैल 2026)

इमेज स्रोत, Majid Saeedi/Getty Images

होर्मुज़ स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) को लेकर दुनिया भर के अलग-अलग नेताओं के ताज़ा बयान इस तरह हैं:

डोनाल्ड ट्रंप: उन्होंने कहा कि ईरान को लेकर मध्य पूर्व में स्थिति “काफ़ी अच्छी जाती हुई लग रही है.” उन्होंने कहा कि सप्ताहांत में बातचीत होगी और उनके पास “कुछ अच्छी खबर” है, जिसे वह अभी साझा नहीं कर सकते.

कल ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक “ईरान के साथ सौदा 100% पूरा” नहीं हो जाता.

ईरानी संसद के स्पीकर बग़र ग़ालिबाफ़: मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने ट्रंप के उस दावे को “गलत” बताया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध जीत लिया है. ग़ालिबाफ़ ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका नाकेबंदी जारी रखता है, तो होर्मुज़ स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) “खुला नहीं रहेगा.”

यूरोपीय नेता: फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने पेरिस से करीब 40 देशों की एक वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें होर्मुज़ को खुला रखने के लिए क्या कोशिश करनी चाहिए, इस पर चर्चा हुई.

स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन और फ़्रांस “जैसे ही हालात अनुमति देंगे”, इस समुद्री मार्ग में शिपिंग की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मिशन का नेतृत्व करेंगे, जो “सख्त लेकिन शांतिपूर्ण और रक्षात्मक” होगा.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग: ट्रंप के मुताबिक, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग “इस बात से बहुत खुश हैं कि होर्मुज़ स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) खुल रहा है.”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि 14-15 मई को चीन में शी जिनपिंग के साथ उनकी होने वाली बैठक “खास और संभावित रूप से ऐतिहासिक” होगी.

ट्रंप की धमकी

शॉर्ट वीडियो देखिए

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

SOURCE : BBC NEWS