Source :- LIVE HINDUSTAN
बीते गुरुवार को 143.79 रुपये प्रति शेयर पर बंद होने के बाद शुक्रवार को Anlon हेल्थकेयर शेयर लगभग 90% नीचे 16 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड करते नजर आए। बता दें कि शेयर की कीमत 1:1 बोनस इश्यू और 1:5 स्टॉक स्प्लिट के हिसाब से एडजस्ट हुई थी।
Anlon Healthcare share price: सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन जब भारतीय शेयर बाजार में भूचाल था तभी एक लिस्टेड शेयर करीब 90 पर्सेंट गिर गया। दरअसल, शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी Anlon हेल्थकेयर के शेयर शुक्रवार को एक ही सेशन में लगभग 90% गिरते हुए दिखे। बीते गुरुवार को 143.79 रुपये प्रति शेयर पर बंद होने के बाद शुक्रवार को शेयर लगभग 90% नीचे 16 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड करते नजर आए। अब सवाल है कि शेयर में अचानक गिरावट क्यों आई है? आइए इसे समझ लेते हैं।
क्या है वजह?
दरअसल, Anlon हेल्थकेयर के शेयर की कीमत 1:1 बोनस इश्यू और 1:5 स्टॉक स्प्लिट के हिसाब से एडजस्ट हुई थी। स्टॉक स्प्लिट के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर को 5 रुपये फेस वैल्यू वाले पांच इक्विटी शेयरों में बांट दिया गया। वहीं, बोनस इश्यू के तहत योग्य शेयरधारकों को रिकॉर्ड डेट पर उनके पास मौजूद हर शेयर के बदले एक बोनस शेयर मिलेगा। बता दें कि बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट से कुल आउटस्टैंडिंग शेयरों की संख्या बढ़ जाती है। वहीं इससे कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन में कोई बदलाव नहीं आता है। हालांकि, शेयर की कीमत सस्ती जरूर हो जाती है। इससे निवेशक कंपनी के शेयरों को आसानी से अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर पाते हैं।
24 अप्रैल था रिकॉर्ड डेट
बता दें कि Anlon हेल्थकेयर ने बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट के लिए 24 अप्रैल (शुक्रवार) को रिकॉर्ड डेट तय की थी। आसान भाषा में समझें तो सिर्फ वही शेयरधारक इन दोनों कॉर्पोरेट एक्शन के लिए योग्य होंगे, जिनके डीमैट अकाउंट में उस तारीख को कंपनी के शेयर मौजूद होंगे। T+1 सेटलमेंट नियम को देखते हुए गुरुवार वह आखिरी दिन था जब निवेशक कंपनी के शेयर खरीद सकते थे।
फार्मास्युटिकल इंटरमीडिएट्स और एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (APIs) बनाने वाली इस कंपनी के शेयर ने पिछले साल सितंबर में बाजार में धीमी शुरुआत की थी और NSE पर 92 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए थे। यह 91 रुपये प्रति शेयर के IPO मूल्य पर 1% का प्रीमियम था। इस 121 करोड़ रुपये के IPO को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयरों में तेजी आई और दो महीने में लगभग 88% की बढ़त दर्ज की गई।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो प्रमोटर्स के पास कंपनी की 52.68 फीसदी हिस्सेदारी थी। वहीं, पब्लिक शेयरहोल्डिंग 47 पर्सेंट से ज्यादा की है। प्रमोटर में पुनीत कुमार और अतुल कुमार प्रमुख हैं।
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