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ईरान से डील करने का कोई प्रेशर नहीं; पाकिस्तान में शांति वार्ता के पहले ट्रंप की दो टूक

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Source :- LIVE HINDUSTAN

डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान से डील करने और युद्ध को खत्म करने को लेकर उनके ऊपर कोई दबाव नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बन चुकी है, ऐसे में यह समझौता जल्दी ही हो जाएगा।

Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को साफ किया कि ईरान के साथ युद्ध को खत्म करने और शांति वार्ता करने को लेकर उन पर कोई दबाव नहीं है। ट्रंप ने इन दावों को कोरी अफवाह बताते हुए डेमोक्रेटिक पार्टी के ऊपर निशाना साधते हुए कहा कि यह ईरान युद्ध के बीच में अमेरिका को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब पाकिस्तान में दूसरे दौर की बातचीत होने वाली है, जबकि दो हफ्ते का युद्ध विराम भी खत्म होने वाला है।

इस्लाबाद में होने वाली शांति वार्ता से पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर मीडिया में जारी दावों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने लिखा, “मैंने फेक न्यूज में पढ़ा कि मुझ पर ईरान के साथ डील करने का दबाव है। यह बिलकुल गलत है। मुझ पर कोई दबाव नहीं है, हालांकि सब कुछ काफी जल्दी हो जाएगा।” इसके बाद ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत अच्छी चल रही है। अब ईरान के साथ जो डील होगी, वह ओबामा के समय हुई डील से भी ज्यादा अच्छी होगी।

दरअसल हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें दावा किया गया था कि ट्रंप ईरान में अमेरिकी फाइटर जेट गिराए जाने से काफी चिंता में आ गए थे। इसके बाद उन्होंने शांति करने के प्रयास शुरू कर दिए थे। अब जबकि ट्रंप शांति की बात कर रहे हैं, तो ईरान भी अब अपनी ज्यादातर शर्तें मनवाना चाहता है। इसी रिपोर्ट्स के आधार पर ट्रंप के विपक्षी दावा कर रहे हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति के ऊपर ईरान के साथ समझौता करने का दबाव है।

डेमोक्रेटिक पार्टी पर साधा निशाना

ट्रंप ने अपने विपक्षी दल पर ईरान युद्ध के समय अमेरिका को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने विपक्षी दल पर हमला बोलते हुए कहा कि ईरान के साथ अमेरिका फिलहाल जो डील कर रहा है वह पहले और दूसरे विश्व युद्ध, कोरियाई युद्ध और वियतनाम युद्ध जैसे लंबे संघर्षों की तुलना में जल्दी खत्म हुई है। ट्रंप ने अपने पूर्ववर्ती राष्ट्रपतियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनमें ईरान के मुद्दे पर “साहस और दूरदर्शिता” की कमी थी। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को सही तरीके से खत्म करेंगें।

डील होने तक ब्लाकेड नहीं हटेगा: ट्रंप

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में एक बार फिर से अपनी स्थिति को साफ करते हुए कहा कि भले ही कुछ भी हो जाए, लेकिन जब तक समझौता नहीं हो जाता। तब तक होर्मुज के बाहर लगा अमेरिकी ब्लाकेड वहां से नहीं हटेगा। ट्रंप ने लिखा,”… सबसे जरूरी डील न हो जाने तक जो हमने ब्लाकेड लगाया हुआ है। उससे ईरान को बड़ा घाटा हो रहा है। यह ईरान को बर्बाद कर रहा है। तेहरान को हर दिन करीब 500 बिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है। इसको वहन कर पाना उनके लिए कहीं से कहीं तक संभव नहीं है।”

हो चुकी है ईरानी की रिजीम चेंज: ट्रंप

मीडिया में ट्रंप के ऊपर लगातार ईरान युद्ध के उद्देश्य बदलने का आरोप लगता रहा है। ट्रंप ने अपने पोस्ट में इसका जवाब देते हुए कहा, “… उनकी नेवी खत्म हो चुकी है। एयर डिफेंस बर्बाद हो चुका है, अब उनके पास एयरफोर्ट और डिफेंस के नाम पर कुछ नहीं है। उनके पुराने नेता भी जा चुके हैं (इसे ही रिजीम चेंज कहा जा सकता है)”

बता दें, 28 फरवरी को तेहरान पर हमला करने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की जनता से सड़कों पर आने और रिजीम चेंज करने की अपील की थी। हालांकि, ईरान में कोई बड़ा आंदोलन नहीं हुआ। पहले दिन रिजीम चेंज को अपना उद्देश्य बताने वाले ट्रंप ने बाद में ईरान की नौसेना और अन्य ताकतों को नष्ट करना अपना उद्देश्य बना लिया और लंबे युद्ध से परहेज करने वाले ट्रंप ने जल्दी ही शांति वार्ता की पहल कर दी।

फिलहाल अभी शांति वार्ता के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचने वाला है। पहले इनकार कर रहा ईरानी दल भी अब पाकिस्तान पहुंचने के लिए हामी भर चुका है। मंगलवार का दिन पश्चिम एशिया के लिए एक बड़ा दिन है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN