Source :- LIVE HINDUSTAN
पेटीएम पेमेंट बैंक (Paytm Payments Bank) में करीब ₹800 करोड़ की ग्राहक राशि दो साल बाद भी फंसी हुई है। इसमें आधी रकम फ्रीज खातों में है और बाकी अनक्लेम्ड पड़ी है। RBI की कार्रवाई के बाद ग्राहकों को पैसा निकालने के कई मौके दिए गए, लेकिन फिर भी बड़ी रकम अटकी रही।
डिजिटल बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी एक अहम और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। करीब दो साल पहले बंद हुए पेटीएम पेमेंक बैंक (Paytm Payments Bank) में आज भी ग्राहकों के लगभग ₹800 करोड़ फंसे हुए हैं। यह जानकारी बताती है कि बैंकिंग सिस्टम बंद होने के बावजूद बड़ी रकम अब तक पूरी तरह ग्राहकों तक नहीं पहुंच पाई है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
क्या है पूरा मामला?
cnbctv18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस ₹800 करोड़ में से लगभग आधी रकम ऐसे खातों में फंसी है, जो फ्रीज कर दिए गए थे। वहीं, करीब ₹400 करोड़ ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक किसी ने क्लेम ही नहीं किया है। हैरानी की बात यह है कि पिछले एक साल में इन रकमों में कोई खास कमी नहीं आई, जबकि ग्राहकों को कई बार पैसा निकालने या ट्रांसफर करने का मौका दिया गया था।
पहले कितनी थी जमा राशि?
जब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) ने इस बैंक पर कार्रवाई शुरू की थी, तब इसके पास कुल जमा ₹5,500 करोड़ से ज्यादा थे। बैंक के पास करीब 35 करोड़ अकाउंट थे, लेकिन इनमें से सिर्फ 10–10.5 करोड़ ही एक्टिव थे। बाकी खाते या तो निष्क्रिय थे, फ्रीज थे या फिर संदिग्ध (mule accounts) माने गए थे।
RBI ने क्या किया?
RBI ने इस पूरी प्रक्रिया के दौरान ग्राहकों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए। बैंक और कंपनी को निर्देश दिए गए कि वे ग्राहकों को लगातार अलर्ट और रिमाइंडर भेजें ताकि वे अपना पैसा निकाल सकें। साथ ही समयसीमा भी बढ़ाई गई ताकि लोग आराम से अपने फंड ट्रांसफर कर सकें।हालांकि, लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया उम्मीद से ज्यादा लंबी चली। शुरुआत में इसे मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन कानूनी और प्रक्रियात्मक कारणों से इसमें देरी हुई।
अभी भी पैसा क्यों फंसा है?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतने मौके मिलने के बाद भी ₹800 करोड़ क्यों फंसे हैं? इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं।
-कई खाते लंबे समय से निष्क्रिय हैं
-कुछ खातों के मालिकों की पहचान या KYC अपडेट नहीं है
-कुछ रकम ऐसे खातों में है जिन्हें सुरक्षा कारणों से फ्रीज किया गया
पेटीएम पर क्या असर?
इस पूरे मामले का असर वन 97 कम्यूनिकेशन (One 97 Communications- Paytm की पेरेंट कंपनी) पर भी पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, पिछली गड़बड़ियों के कारण भविष्य में कंपनी को नए लाइसेंस लेने में दिक्कत आ सकती है। फिलहाल, कंपनी ने RBI से कोई नया वॉलेट या पेमेंट लाइसेंस भी नहीं मांगा है।
आगे क्या?
यह मामला दिखाता है कि डिजिटल बैंकिंग में नियमों का पालन कितना जरूरी है। साथ ही यह भी साफ है कि सिर्फ सिस्टम बंद करना काफी नहीं होता, ग्राहकों का पैसा सुरक्षित और समय पर लौटाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है।
पेटीएम पेमेंट बैंक (Paytm Payments Bank) का यह केस एक बड़ा सबक है, जहां टेक्नोलॉजी और फाइनेंस के बीच संतुलन बिगड़ने पर ग्राहकों का पैसा लंबे समय तक फंस सकता है।
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