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आखिरकार झुक गया अमेरिका? ईरान का दावा- डोनाल्ड ट्रंप ने तेल पर से बैन हटाया; भारत पर क्या असर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ईरान मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंध को अस्थायी तौर पर हटा दिया है। बता दें, अमेरिका ने वैश्विक तेल संकट के असर को कम करने के लिए पहले रूस और फिर ईरान के तेल पर प्रतिबंध को  हटा दिया था।

US Iran War Update: पश्चिम एशिया के संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा संकट के बढ़ाया हुआ है। इसके प्रभाव को कम करने के लिए अमेरिका ने पहले रूस और फिर ईरान के तेल पर से कुछ समय के लिए प्रतिबंध हटा दिया था। अब ईरान की सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिका ने एक बार फिर से ईरानी तेल की बिक्री के ऊपर लगे प्रतिबंध को अस्थायी तौर पर हटा दिया है। दावा है कि अमेरिका की तरफ से यह फैसला दोनों पक्षों के बीच में शांति समझौते को लेकर किए जा रहे प्रयासों के बीच आया है।

ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने हाल में कुछ प्रतिंबधों को हटा दिया है। हालांकि, इस्लामिक सरकार वाशिंगटन पर लगातार दबाव बना रही है कि सभी प्रतिबंधों को हटा दिया जाए। इसके अलावा दोनों देशों के बीच में जो डील होगी उसमें भी अमेरिका यह आश्वासन दे कि वह भविष्य में ईरानी तेल के ऊपर प्रतिबंध नहीं लगाएगा। हालांकि, अमेरिका की तरफ से इस पर कोई गारंटी नहीं दी गई है। बता दें कि यह दावा अभी केवल ईरान की तरफ से किया गया है। अमेरिका का इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

गौरतलब है कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध के दौरान ईरान और रूस के तेल की खरीद पर लगाए अपने पुराने प्रतिबंधों को हटा दिया था। इससे भारत और चीन समेत तमाम देशों को लाभ हुआ था। 2019 में अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरानी तेल खरीद को बंद करने वाले भारत ने 2026 में युद्ध को दौरान ईरानी तेल की खरीद की थी। यह अपने आप में एक बड़ा कदम था।

इससे पहले, ईरानी मीडिया के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच में शांति वार्ता को लेकर पाकिस्तान के जरिए लगातार प्रस्तावों की अदला-बदली हो रही है। हाल ही में अमेरिका ने पांच सूत्रीय प्रस्ताव तेहरान को सौंपा था। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुले आम धमकी देते हुए कहा था कि तेहरान के लिए समय खत्म हो रहा है। उन्हें जल्दी से जल्दी इस पर फैसला लेना होगा क्योंकि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके पास कुछ भी नहीं बचेगा।

गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमले के बाद पश्चिम एशिया संकट की शुरुआत हुई थी। इसके बाद अमेरिका ने तेहरान समेत ईरान के कई ठिकानों पर बमबारी की। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमला करना शुरू कर दिया था। इसके बाद ईरान ने होर्मुज से निकलने वाले जहाजों को रोक दिया, जिसकी वजह से वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो गया। इसकी वजह से अंत में अमेरिका को रूस और ईरानी तेल पर से प्रतिबंध हटाना पड़ा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN