Home व्यापार समाचार सोने का भाव ₹1500 से अधिक टूटा, चांदी ₹5000 हो गई सस्ती,...

सोने का भाव ₹1500 से अधिक टूटा, चांदी ₹5000 हो गई सस्ती, क्या जारी रहेगी गिरावट

23
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

Gold Silver Price Today: सोने का भाव आज 1,53,030 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। चांदी ₹2,53,168 प्रति किलोग्राम पर है। सोमवार को सोने-चांदी के भाव में गिरावट की वजह डॉलर की मजबूती, होर्मुज के फिर से बंद होने की खबर, कच्चे तेल की कीमतें और महंगाई बढ़ने का डर रही।

Gold Silver Price Today: MCX पर सोमवार, 20 अप्रैल को शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में 1% की गिरावट आई। सुबह करीब 9:10 बजे MCX पर सोने का भाव 1500 रुपये से अधिक गिरकर 1,53,030 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था, जबकि चांदी का भाव ₹2,53,168 प्रति किलोग्राम पर आ गया। इसमें करीब 5000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले सत्र में सोना ₹1,54,609 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और चांदी 3.8% की मजबूत बढ़त के साथ ₹2,58,079 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

इंटरनेशनल मार्केट में भी सस्ता हुआ सोना

इंटरनेशनल मार्केट में भी स्पॉट गोल्ड 0.4% गिरकर 4,809.71 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स (जून डिलीवरी) 1% गिरकर 4,829.40 डॉलर पर आ गया। स्पॉट सिल्वर भी 0.5% गिरकर 80.36 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

क्यों आई सोने-चांदी में गिरावट

ब्लूमबर्ग के मुताबिक टैस्टीलिव के प्रमुख मैक्रो विश्लेषक इल्या स्पिवाक ने कहा, “अमेरिका-ईरान युद्धविराम टूटता दिख रहा है। जिस सीजफायर का बाजारों ने पिछले हफ्ते जश्न मनाया था, वह अब खत्म होने की कगार पर है। इससे फिर वैसी ही स्थिति बन गई जैसी संघर्ष शुरू होने पर देखी गई थी। कच्चा तेल बढ़ा, महंगाई की उम्मीद बढ़ी, और अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है।”

डॉलर और बॉन्ड यील्ड का असर

सोने-चांदी की गिरावट के पीछे डॉलर इंडेक्स का मजबूत होना है। इससे डॉलर में तय होने वाला सोना दूसरी मुद्राओं वालों के लिए महंगा हो गया। वहीं, अमेरिकी 10-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड 0.5% बढ़ी। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते खाड़ी देशों से होने वाली शिपिंग लगभग बंद हो गई है। इससे तेल के दाम उछल गए।

पिछले दो महीनों में 8% गिर चुका है सोना: फरवरी के अंत में जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले किए थे, तब से सोने की कीमतें लगभग 8% गिर चुकी हैं।

सोना महंगाई से बचाता है, लेकिन ब्याज दरें बड़ी रुकावट: सोना महंगाई से बचाने वाला निवेश माना जाता है , लेकिन अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो बिना ब्याज देने वाले सोने की मांग घट जाती है, क्योंकि लोग ब्याज देने वाली एसेट्स (जैसे बॉन्ड) को प्राथमिकता देते हैं।

क्या सोना-चांदी और गिरेंगे

ओसीबीसी के रणनीतिकार क्रिस्टोफर वोंग के अनुसार, “फिलहाल सोने की दिशा बाजार के जोखिम के मूड पर निर्भर करेगी, और यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर है कि युद्धविराम वार्ता का क्या परिणाम निकलता है।”

SOURCE : LIVE HINDUSTAN