BJP ने एक प्रस्ताव पारित कर “Vande Mataram” के सभी छह अंतरों वाले पूर्ण संस्करण का दृढ़ता से बचाव किया है और वोट-बैंक की राजनीति के नाम पर इसे छोटा करने के किसी भी प्रयास को खारिज कर दिया है। अपने नवनियुक्त पदाधिकारियों की पहली बैठक में पारित इस प्रस्ताव में Congress पर चुनिंदा रूप से गीत प्रस्तुत कर राजनीतिक तुष्टीकरण करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही, राष्ट्रीय गीत की संपूर्ण विरासत को संरक्षित और प्रचारित करने के लिए देशव्यापी अभियान चलाने का वादा किया गया है। हालांकि, Congress ने किसी भी गलत काम से इनकार करते हुए कहा है कि उसका निर्णय ऐतिहासिक परंपरा पर आधारित है।
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## पूर्ण अभिव्यक्ति, आंशिक प्रस्तुति नहीं
अपने नवीनतम प्रस्ताव के माध्यम से Bharatiya Janata Party (BJP) ने कहा है कि वह *“भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में संपूर्ण Vande Mataram के सम्मान, गरिमा, विरासत और राष्ट्रीय दर्जे को तथा भारत की राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता संग्राम के अमर प्रतीक के रूप में इसकी प्रतिष्ठा को बनाए रखेगी।”* BJP अध्यक्ष Nitin Nabin के अनुसार, पार्टी गीत को कमजोर करने या सांप्रदायिक हितों अथवा वोट-बैंक की राजनीति के लिए इसके दुरुपयोग की अनुमति कभी नहीं देगी।
प्रस्ताव में विशेष रूप से Congress के 19 अगस्त, 2026 के निर्णय की निंदा की गई है। Congress Working Committee की बैठक में 1937 की दशकों पुरानी नीति की पुष्टि की गई थी, जिसके तहत पार्टी कार्यक्रमों में “Vande Mataram” के केवल पहले दो अंतरों का उपयोग किया जाता है। BJP का दावा है कि इससे राष्ट्रीय गीत को राजनीतिक हितों की पूर्ति तक सीमित कर दिया जाता है।
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## कानूनी समर्थन और ऐतिहासिक तर्क
इस वर्ष की शुरुआत में कानून में बदलाव के बाद “Vande Mataram” के गायन के नियम बदल गए। Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 में सभी छह अंतरों का उपयोग अनिवार्य किया गया है और पूरे गीत के प्रति अनादर या इसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाया गया है। दोषियों को तीन साल तक की जेल और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
BJP के प्रस्ताव में इतिहास पर भी विस्तार से चर्चा की गई है। इसका उद्देश्य यह बताना है कि मुस्लिम लीग की आपत्तियों तथा व्यापक सांप्रदायिक और अलगाववादी विवादों के कारण गीत को छोटा करने की प्रक्रिया कैसे सामने आई। इसमें Mahatma Gandhi द्वारा “Vande Mataram” को भारत के प्रतिरोध और बलिदान से जुड़ी एक शक्तिशाली “साम्राज्यवाद-विरोधी पुकार” के रूप में वर्णित किए जाने का उल्लेख किया गया है। ☞ BJP ने जनता, विशेषकर युवाओं को, इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में शिक्षित करने का संकल्प लिया है, ताकि राष्ट्रीय गीत के इस आयाम को खोने से बचाया जा सके।
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## Congress: परंपरा या ध्रुवीकरण?
इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए Congress अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने दो अंतरों के उपयोग की परंपरा का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह परंपरा 1937 में एक सामूहिक निर्णय के तहत स्थापित हुई थी, जिसमें Jawaharlal Nehru, Mahatma Gandhi, Vallabhbhai Patel और Subhas Chandra Bose जैसे राष्ट्रीय नेता शामिल थे। उनका तर्क है कि यह परंपरा उन नेताओं के विचार-विमर्श के प्रति एकता और सम्मान को दर्शाती है।
Kharge ने BJP पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया और सवाल किया कि Narendra Modi के 11–12 वर्षों तक Prime Minister रहने के बावजूद BJP ने अब तक इस नियम में बदलाव क्यों नहीं किया। उनकी टिप्पणी से संकेत मिलता है कि वह BJP के इस प्रस्ताव को एकता कायम करने के बजाय विभाजन को बढ़ावा देने की रणनीति के रूप में देखते हैं।
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## BJP क्या करेगी: शिक्षा और जनसक्रियता
पूरे गीत को राजनीतिक उद्देश्यों से दबाए जाने के रूप में देखे जा रहे प्रयास का मुकाबला करने के लिए BJP ने कई ठोस कदम उठाने का वादा किया है:
– “Vande Mataram” के अर्थ, इतिहास और महत्व के बारे में जनता को शिक्षित करने के लिए देशव्यापी अभियान शुरू करना।
– यह सुनिश्चित करना कि प्रत्येक भारतीय, विशेषकर युवा पीढ़ी, सभी छह अंतरों, उनसे जुड़े बलिदानों और उनके महत्व को समझे।
– Gandhi के इस विचार को लोगों तक पहुंचाना कि यह गीत “शुद्धतम राष्ट्रीय भावना” का प्रतीक है।
– नागरिकों को याद दिलाना कि कभी इन शब्दों ने British Empire की शक्ति को चुनौती दी थी।
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## प्रमुख बयान और प्रतीकात्मकता
अपने प्रस्ताव में BJP ने Congress पर गीत को सीमित करके राष्ट्रीय सद्भाव का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। पार्टी अध्यक्ष Nitin Nabin ने ऐसे किसी भी सांप्रदायिक या तुष्टीकरण की राजनीति की कड़ी आलोचना की, जो राष्ट्रीय प्रतीकों को कमजोर कर सकती है। उन्होंने कहा, “[British] इसके शब्दों से डरते थे, क्योंकि वे प्रतिरोध की भावना जगाते थे। भारतीयों की पीढ़ियों ने इन्हें स्वतंत्रता, बलिदान और राष्ट्रीय गौरव के मंत्र के रूप में अपनाया।”
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## वर्तमान स्थिति
– BJP का कहना है कि “Vande Mataram” को छोटा करना इसकी विरासत के साथ विश्वासघात और तुष्टीकरण के उद्देश्य से उठाया गया राजनीतिक कदम है।
– Congress का दावा है कि उसका निर्णय भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं द्वारा लिए गए लगभग 90 वर्ष पुराने प्रस्ताव का सम्मान करता है, जिसे उस समय पारित किया गया था जब देश अभी British शासन के अधीन था।
– कानूनी बदलावों के बाद अब पूरे छह अंतरों का गायन केवल पसंद का मामला नहीं, बल्कि कानून के तहत अनिवार्य है।
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## निहितार्थ
यह विवाद केवल इस बात तक सीमित नहीं है कि गीत के कितने अंतरे गाए जाएं। इसके केंद्र में राष्ट्रीय पहचान, राजनीतिक प्रतीकवाद, संवैधानिक कानून, ऐतिहासिक स्मृति और सांप्रदायिक सद्भाव को लेकर व्यापक संघर्ष है। BJP अपने प्रयास को भारत की विरासत की पूर्णता और सम्मान बहाल करने के रूप में प्रस्तुत करती है, जबकि Congress अपने रुख को राष्ट्रनिर्माताओं की दृष्टि के साथ निरंतरता के रूप में देखती है।
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